प्रेमानंद जी महाराज की पदयात्रा टाइमिंग क्यों बदली?

प्रेमानंद जी महाराज की पदयात्रा टाइमिंग क्यों बदली?

पदयात्रा का रूट: श्रीकृष्ण शरणम् से राधा केलि कुंज तक

वृंदावन के प्रिय संत प्रेमानंद जी महाराज, जिन्हें भक्त कलयुग में भगवान का अवतार मानते हैं, इन दिनों फिर से सुर्खियों में हैं। उनकी पदयात्रा के समय में बड़ा बदलाव आया है, जिससे हजारों भक्तों को राहत मिली है। पहले रात की ठंड में इंतजार करने वाले भक्त अब शाम की मधुर बेला में दर्शन पा सकेंगे। ये बदलाव भक्तों की सुविधा और महाराज जी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर किया गया है।

नई टाइमिंग: क्या होगी पदयात्रा की?

पहले पदयात्रा रात 2 बजे निकलती थी, लेकिन अब इसे शाम 5 बजे कर दिया गया है। दिसंबर 2025 की कड़ाके की ठंड में भक्तों को रात भर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब दोपहर से ही श्रद्धालु जुटने लगते हैं, और शाम की पदयात्रा में भक्ति का सैलाब उमड़ रहा है। इस बदलाव से भक्तों की संख्या और बढ़ गई है।

पदयात्रा का रूट: श्रीकृष्ण शरणम् से राधा केलि कुंज तक

ये पदयात्रा वृंदावन के छत्तीकरा रोड पर स्थित श्रीकृष्ण शरणम् फ्लैट (महाराज जी का निवास) से शुरू होती है और रमनरेती में श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम तक जाती है। करीब 2-3 किलोमीटर का ये सफर भक्ति भाव से भरा होता है। रास्ते में भक्त रंगोली सजाते हैं, दीप जलाते हैं, कीर्तन करते हैं। “फॉलोअर बाइक, कार से आगे-पीछे चलते हैं, और जगह-जगह भीड़ ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंजती है। कभी-कभी रूट में छोटे बदलाव भी होते हैं, जैसे प्रेम मंदिर के सामने से गुजरना।

क्यों बदली टाइमिंग? ठंड के अलावा स्वास्थ्य भी वजह

इस बदलाव की मुख्य वजह बढ़ती ठंड है, लेकिन महाराज जी का स्वास्थ्य भी बड़ा फैक्टर है। प्रेमानंद जी महाराज लंबे समय से गंभीर किडनी समस्या से जूझ रहे हैं – दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं और वो नियमित डायलिसिस पर हैं। ठंड में स्वास्थ्य को बचाने के लिए ये फैसला लिया गया। पहले भी 2025 में स्वास्थ्य कारणों से पदयात्रा कुछ दिन रोकी या समय बदला गया था। अच्छी बात ये है कि आश्रम और भक्तों के अनुसार महाराज जी की तबीयत स्थिर है और वो अपनी दिनचर्या जारी रखे हुए हैं।

पदयात्रा की खासियत: भक्ति का अनोखा नजारा

प्रेमानंद जी की ये पदयात्रा सिर्फ चलना नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण भक्ति का जीवंत रूप है। हजारों भक्त रातोंरात इंतजार करते थे, अब शाम में भी वही उत्साह है। महाराज जी पैदल चलते हैं, भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। ये दृश्य देखकर मन शांत हो जाता है – कीर्तन, जयकारे, दीपों की रोशनी और राधा नाम का जाप। कई सेलिब्रिटी भी इसमें शामिल हो चुके हैं। अगर आप वृंदावन जा रहे हैं, तो ये पदयात्रा जरूर देखें – ये भक्ति की असली मिसाल है।

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