छोटी दूरी के यात्रियों को मिली छूट: 215 किमी तक कोई बढ़ोतरी नहीं
ट्रेन से सफर करने वालों के लिए एक छोटा-सा अपडेट आया है – भारतीय रेलवे ने टिकट के दाम में थोड़ी सी बढ़ोतरी कर दी है। ये नई दरें 26 दिसंबर 2025 से लागू होंगी, यानी नए साल से ठीक पहले। अच्छी बात ये है कि ये बढ़ोतरी बहुत मामूली है और ज्यादातर रोजाना लोकल ट्रेन या छोटी दूरी वाले यात्रियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ये 2025 में दूसरी बार किराया बढ़ रहा है – पहली बार जुलाई में हुआ था। रेलवे को इससे इस साल के बाकी महीनों में करीब 600 करोड़ रुपये extra आने की उम्मीद है।
कहां बढ़ेगा किराया, कहां नहीं?
लोकल/सबअर्बन ट्रेनें और मंथली सीजन टिकट (MST) के दाम बिलकुल वही रहेंगे। मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई जैसे शहरों में रोज ऑफिस या कॉलेज जाने वालों की जेब सुरक्षित है! साधारण (ऑर्डिनरी) क्लास में 215 किलोमीटर तक की यात्रा पर भी कोई बढ़ोतरी नहीं। 215 किमी से ज्यादा की साधारण क्लास यात्रा पर – 1 पैसा प्रति किमी extra। मेल/एक्सप्रेस की नॉन-एसी क्लास में – 2 पैसे प्रति किमी। सभी एसी क्लास (राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत वगैरह सहित) में – 2 पैसे प्रति किमी।
ये सिर्फ बेस फेयर पर लागू होगा। रिजर्वेशन चार्ज, सुपरफास्ट सरचार्ज, GST आदि में कोई बदलाव नहीं। और जो टिकट पहले बुक कर चुके हो, उन पर extra नहीं लगेगा।
कितना ज्यादा देना पड़ेगा?
- 500 किमी की नॉन-एसी यात्रा: बस 10 रुपये ज्यादा।
- 1000 किमी की एसी यात्रा: लगभग 20 रुपये extra।
- मुंबई से दिल्ली (करीब 1400 किमी) की स्लीपर टिकट: 25-30 रुपये ज्यादा।
मतलब, लंबी यात्रा पर थोड़ा फर्क पड़ेगा, लेकिन रोजमर्रा के सफर पर बिलकुल नहीं।
आखिर क्यों बढ़ाया किराया?
रेलवे कह रहा है कि पिछले 10 सालों में नेटवर्क बहुत बढ़ा है – नई ट्रेनें, स्टेशन अपग्रेड, सुरक्षा बेहतर की। इसके लिए स्टाफ भी बढ़ाया, जिससे खर्चा बहुत हो गया:
- कर्मचारियों का वेतन-भत्ते: 1.15 लाख करोड़ रुपये।
- पेंशन: 60,000 करोड़ रुपये सालाना।
- कुल ऑपरेशन खर्च (2024-25): 2.63 लाख करोड़ रुपये।
इतना खर्च मैनेज करने के लिए माल ढुलाई बढ़ा रहे हैं, साथ ही थोड़ा-बहुत पैसेंजर फेयर में एडजस्टमेंट। हाल ही में त्योहारों पर 12,000 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाईं |
मुख्य बातें
- कब से: 26 दिसंबर 2025 (नई बुकिंग पर)।
- राहत: लोकल, MST, 215 किमी तक ऑर्डिनरी।
- बढ़ोतरी: 1-2 पैसे/किमी लंबी दूरी पर।
- extra कमाई: ~600 करोड़ (इस साल)।
- पिछली बार: जुलाई 2025 में, जिससे अब तक 700 करोड़ आए।
कुल मिलाकर, रेलवे ने बैलेंस बनाया है – आम आदमी की जेब पर ज्यादा बोझ नहीं, लेकिन सेवाएं बेहतर करने के लिए जरूरी कदम और जानकारी के लिए IRCTC वेबसाइट या रेलवे हेल्पलाइन देखें।
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