नई दिल्ली: गर्मी के मौसम में अक्सर लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है। कई लोगों का कहना है कि अधिक पानी पीना हमेशा सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी सेहत के हानिकारक होता है।
ज्यादा पानी पीने से शरीर में सोडियम का स्तर असामान्य से कम हो सकता है। इस स्थित को मेडिकल भाषा में हइपोनेट्रेमिया (Hyponatremia) या वॉटर इंटॉक्सिकेशन (Water Intoxicaton) कहा जात है गंभीर मामले में यह स्थिति दिमाग में सूजन जैसी खतरनाक समस्या पैदा कर सकती है।
कैसे बनती है यह स्थिति ?
विशेषज्ञ बताते हैं कि किडनी एक निश्चित मात्रा तक ही पानी को प्रोसेस कर सकती है। जब कोई व्यक्ति कम समय में बहुत ज्यादा पानी पी लेता है, तो शरीर में पानी की मात्रा बढ़ जाती है और खून में मौजूद सोडियम का संतुलन बिगड़ने लगता है।

सोडियम शरीर के लिए बेहद जरूरी इलेक्ट्रोलाइट है, जो नसों, मांसपेशियों और दिमाग के सामान्य कामकाज में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर शरीर की कोशिकाएं अतिरिक्त पानी सोखने लगती हैं, जिससे सूजन की समस्या पैदा हो सकती है।
दिमाग पर भी पड़ सकता है असर
डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादा पानी पीने का सबसे गंभीर प्रभाव दिमाग पर पड़ता है। जब ब्रेन सेल्स में पानी जमा होने लगता है तो दिमाग में सूजन आ सकती है। इससे सिरदर्द, उल्टी, चक्कर आना और गंभीर मामलों में बेहोशी या दौरे तक पड़ सकते हैं।
कुछ मामलों में स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि मरीज को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
- लगातार सिरदर्द
- चक्कर आना
- मतली या उलटी
- ज्यादा थकान
- मांसपेशियों में ऐंठन
- ध्या केंद्रित करने में परेशानी
गंभीर स्थिति में बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत और दौरे पड़मे जैसी समस्याएं भी हो सकती है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा हो सकता है?
- लंबी दूरी की दौड़ या मैराथन में हिस्सा लेने वाले लोगों को
- अत्यधिक व्यायम करने वाले खिलाड़ी
- किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित मरीज
- छोटे बच्चे और बुजुर्ग
- गर्मी में लगातार पसीन बहाने वाले लोग जो केवल सादा पानी पीते हैं

कितना पानी पीना सेहत के लिए सही होता है?
डॉक्टरों का कहना है कि हर व्यक्ति की पानी की जरूरत अलग होती है। यह उम्र, वजन, मौसम और शारीरिक गतिविधियों पर निर्भर करती है।
सामान्य परिस्थितियों में अधिकांश लोगों के लिए दिनभर में लगभग 2.5 से 3.5 लीटर पानी पर्याप्त माना जाता है। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि कम समय में बहुत अधिक मात्रा में पानी पीने से बचना चाहिए।
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कैसे करें बचाव?
- प्यास के अनुसार पानी पिएं
- भारी व्यायाम या ज्यादा पसीना आने पर इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय लें
- लंबे समय तक धूप में रहने पर केवल पानी पर निर्भर न रहें
- शरीर में कमजोरी या असामान्य लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लें
- किडनी रोगियों को पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही रखनी चाहिए
पानी शरीर के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन इसका अधिक सेवन भी शरीर के लिए हानिकारक सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी सेहत के लिए सिर्फ ज्यादा पानी पीना ही जरूरी नहीं, बल्कि सही मात्रा में पीना भी ज्यादा जरूरी है। इसलिए गर्मी में हाइड्रेटेड रहें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी पीकर अपने स्वास्थ्य को जोखिम में न डालें।
