दिल्ली के पूर्व वित्त मंत्री श्री जगदीश मुखी एवं दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं श्रम मंत्री श्री कपिल मिश्रा की उच्चस्तरीय बैठक में मेले की विस्तृत रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया
नई दिल्ली: ग्रामीण उद्यमिता, पारंपरिक शिल्पकला और पर्यावरण-अनुकूल आजीविका को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली हाट, जनकपुरी में 1 से 7 नवम्बर 2026 तक गौ-आधारित उत्पादों का सप्ताहभर चलने वाला प्री-दीपावली मेला आयोजित होगा।
मेले की रूपरेखा पर दिल्ली के पूर्व वित्त मंत्री एवं असम सहित विभिन्न राज्यों के पूर्व राज्यपाल श्री जगदीश मुखी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं श्रम मंत्री श्री कपिल मिश्रा के साथ आयोजित बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। यह पहल स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करेगी तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के उपयोग को भी बढ़ावा देगी।
इस मेले में गौ-आधारित उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की जाएगी, जिनमें ब्रिकेटिंग मशीनें, कृषि उत्पाद, घर एवं उद्यान सजावट की वस्तुएँ, हस्तनिर्मित प्रतिमाएँ, गमले, दीपक, दीपावली पूजा सामग्री, घी, सैनिटाइज़र, मच्छर प्रतिरोधक उत्पाद, हर्बल सामग्री, वॉल पेंट तथा अन्य अनेक उपयोगी उत्पाद शामिल होंगे। मेले में देशभर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी के लिए 200 से अधिक स्टॉल लगाए जाने की संभावना है।
पिछले वर्ष यह मेला मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था। इस वर्ष अपने नए स्वरूप में आयोजित होने वाला यह सप्ताहभर का मेला सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, बच्चों के लिए खेल एवं मनोरंजक गतिविधियों तथा एक विशेष मिनी गौशाला से भी परिपूर्ण होगा। आगंतुकों को विशिष्ट गौ-आधारित उत्पादों को देखने, शिल्पकारों एवं उद्यमियों से संवाद करने तथा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव एक ही स्थान पर प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
दीपावली से ठीक पहले आयोजित यह मेला शिल्पकारों, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स तथा ग्रामीण उद्यमों के लिए एक उत्कृष्ट विपणन मंच सिद्ध होगा। साथ ही, यह आगंतुकों एवं उनके परिवारों को उत्सव के अवसर पर खरीदारी का एक समृद्ध एवं यादगार अनुभव भी प्रदान करेगा।
