डॉ. के. ए. पॉल ने कहा कि प्रस्तावित एफसीआरए संशोधनों पर अमेरिकी सांसद राइली मूर की टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय चिंता का संकेत है, सरकार कदम पर पुनर्विचार करे
नई दिल्ली: ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के संस्थापक डॉ. के. ए. पॉल ने एफसीआरए संशोधन विधेयक पर केंद्र सरकार से पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे भारत की आर्थिक वृद्धि, लोकतांत्रिक संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
वीडियो संदेश में डॉ. पॉल ने कहा कि सरकार को इस विषय पर नागरिक समाज, धर्मार्थ संस्थाओं और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक संवाद करना चाहिए। उनका दावा है कि प्रस्तावित संशोधनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता व्यक्त की जा रही है।
उन्होंने अमेरिकी सांसद राइली मूर की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि कई विदेशी प्रतिनिधि इस विधेयक के संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि संशोधन विदेशी अनुदान प्राप्त संस्थाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने और कानूनी प्रक्रियाओं को स्पष्ट करने के उद्देश्य से लाए जा रहे हैं।
डॉ. पॉल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर इस विषय पर चर्चा करने के लिए भी तैयार हैं।
