चंदन मिश्रा की मौत पर तेजस्वी बोले—Patna में ‘जंगलराज वापस आ गया’, अस्पताल की सुरक्षा पर भी सवाल
नई दिल्ली, 18 जुलाई 2025
Patna के एक निजी अस्पताल में हुई एक हाई-प्रोफाइल हत्या ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक बार फिर सियासी बहस छेड़ दी है, खासकर विधानसभा चुनाव से पहले। गुरुवार सुबह बक्सर का कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा, जो इलाज के लिए परोल पर बाहर था, Patna के पारस अस्पताल में पांच हथियारबंद हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, हमलावर या तो किसी प्रतिद्वंदी गिरोह से जुड़े थे या फिर गैंग के अंदरूनी झगड़े का हिस्सा हो सकते हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।
चंदन मिश्रा पर हत्या, साजिश, फिरौती, आर्म्स एक्ट और आईटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत कुल 24 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। वह एक व्यवसायी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। हाल ही में सुरक्षा कारणों से उसे बेऊर जेल से भागलपुर जेल भेजा गया था।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Patna के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि अस्पताल में फ्रिस्किंग की व्यवस्था होने के बावजूद हमलावरों का अंदर घुसना जांच का विषय है। कई अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की जा रही है, वहीं फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर बुलाया गया। सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि हमलावरों ने पूरी योजना के साथ अस्पताल की एंट्री और एग्जिट रूट को पहले ही चिन्हित कर लिया था, जिससे यह एक सोची-समझी साजिश लगती है।
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इस घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार पर जमकर हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर कानून-व्यवस्था की नाकामी का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में फिर से ‘जंगलराज’ लौट आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब अपराधी ‘विजयी’ और ‘सम्राट’ बन गए हैं। एलजेपी (रामविलास) के प्रमुख और भाजपा के सहयोगी चिराग पासवान ने भी कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई और कहा कि अपराधियों का मनोबल चरम पर है, जबकि प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली समझ से परे है।
यह हत्या Patna में हाल के दिनों में हुई कई बड़ी आपराधिक घटनाओं की कड़ी में एक और गंभीर मामला बन गई है। कुछ दिनों पहले ही व्यापारी गोपाल खेमका की हत्या उनके घर के बाहर कर दी गई थी। इसके अलावा एक पूर्व भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस बढ़ती हिंसा के बीच, पुलिस के एडीजी कुंदन कृष्णन का एक बयान विवादों में आ गया, जिसमें उन्होंने कहा कि बिहार में खेती के सीजन के बीच बेरोजगार युवा पैसे के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं।
उनके इस बयान की विपक्षी नेताओं समेत चिराग पासवान ने कड़ी आलोचना की और इसे किसानों का अपमान बताया। बाद में एडीजी ने सफाई दी कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और यह एक सामान्य आपराधिक ट्रेंड पर आधारित था, जो होली के बाद और फसल के सीजन के बीच के समय में सामने आता है।
फिलहाल चंदन मिश्रा की हत्या की जांच जारी है, लेकिन इस घटना ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। चुनाव नजदीक हैं और ऐसे में सरकार पर अपराध नियंत्रण को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है। एक रिहायशी इलाके में स्थित अस्पताल के अंदर हुई इस हत्या ने आम जनता के बीच असुरक्षा की भावना और प्रशासन से जवाबदेही की मांग को और तेज कर दिया है।
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