नई दिल्ली: MERI ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी ऑफ ताजिकिस्तान (TUT) के साथ शैक्षणिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य भारत और ताजिकिस्तान के बीच शिक्षा एवं सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाना है।
दोनों संस्थानों ने 17 सितंबर 2026 को दुशांबे में MoU पर हस्ताक्षर किए। MERI ग्रुप के उपाध्यक्ष प्रो. ललित अग्रवाल और TUT के रेक्टर प्रो. रहमोनजोदा जोइर फैजाली ने समझौते को औपचारिक रूप दिया।
दोनों संस्थान किन क्षेत्रों में करेंगे काम?
MoU के तहत MERI ग्रुप और TUT प्रबंधन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य पेशेवर विषयों में सहयोग करेंगे।
दोनों संस्थान रिसर्च, छात्रवृत्ति और संयुक्त परियोजनाओं पर काम करेंगे। वे भारत और ताजिकिस्तान के पारस्परिक हितों से जुड़े क्षेत्रों में भी शैक्षणिक सहयोग को आगे बढ़ाएंगे।
विशेषज्ञों को मिलेगा साझा मंच
MERI ग्रुप और TUT विषय आधारित सम्मेलन, सेमिनार और गोलमेज चर्चाएं आयोजित करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए दोनों संस्थान शोध और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे।
शिक्षाविदों, तकनीकी विशेषज्ञों, राजनयिकों, रक्षा विश्लेषकों, उद्यमियों और नीति-निर्माताओं को इन कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।
समारोह में भारतीय और ताजिक प्रतिनिधि शामिल
दुशांबे स्थित भारतीय दूतावास और ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय यूनेस्को आयोग के प्रतिनिधियों ने MoU समारोह में भाग लिया।
MERI सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के प्रमुख प्रो. (डॉ.) रमाकांत द्विवेदी, श्री लव अग्रवाल और TUT के उप-रेक्टर प्रो. इकरोमी खुशेद इकरोम भी समारोह में मौजूद रहे।
शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की पहल
MERI ग्रुप नई दिल्ली में स्थित है और प्रबंधन, इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष अध्ययन, पत्रकारिता, कानून, अंतरराष्ट्रीय संबंध, अर्थशास्त्र और वाणिज्य जैसे क्षेत्रों में शिक्षा प्रदान करता है।
TUT की स्थापना 1991 में हुई थी और विश्वविद्यालय मौलिक तथा अनुप्रयुक्त अनुसंधान पर काम करता है।
यह MoU दोनों संस्थानों को शैक्षणिक और शोध गतिविधियों में सहयोग का अवसर देगा तथा भारत-ताजिकिस्तान के बीच सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करेगा।
