EPS-95 पेंशनर्स की मांगों के समर्थन में सांसद श्रीकांत शिंदे, नरेश जी. म्हस्के, श्रीरंग अप्पा बारणे और भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे ने सरकार से कार्रवाई की अपील की
नई दिल्ली: EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में हजारों पेंशनर्स ने ₹7,500 न्यूनतम पेंशन, डीए और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा की मांग उठाई। समिति ने चेतावनी दी कि मांगें लंबित रहीं तो देशभर में EPFO कार्यालय बंद कराने और ‘जेल भरो आंदोलन’ की शुरुआत की जाएगी।
सरकार के आश्वासनों से नाराज EPS-95 पेंशनर्स
सभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने कहा कि वर्षों से पेंशनर्स अपनी मांगों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि न्यूनतम पेंशन पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन पूरे देश में और उग्र होगा।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण मौजूदा पेंशन में गुजारा करना बेहद मुश्किल हो गया है। EPS-95 पेंशनर्स सम्मानजनक जीवन, न्यूनतम पेंशन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं।
पेंशनर्स की मांगों पर सांसदों ने सरकार से की कार्रवाई की अपील
EPS-95 पेंशनर्स के समर्थन में मंच पर पहुंचे सांसद श्रीकांत शिंदे, नरेश जी. म्हस्के, श्रीरंग आप्पा बारणे और भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे ने कहा कि पेंशनर्स की वर्षों पुरानी मांगों पर अब और देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से जल्द सकारात्मक फैसला लेने और पेंशनर्स के हितों की रक्षा करने का आग्रह किया।
कई राज्यों के प्रतिनिधियों ने उठाई पेंशनर्स की आवाज
सभा में राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी नेताओं ने एक स्वर में EPS-95 पेंशनर्स की मांगों का समर्थन करते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
EPS-95 आंदोलन में देशभर के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी
राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत, राष्ट्रीय मुख्य समन्वयक रमाकांत नरगुंड, के.एस. तिवारी, राजीव भटनागर सहित कई राष्ट्रीय पदाधिकारियों और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ नेताओं ने सभा को संबोधित किया। देशभर से पहुंचे प्रतिनिधियों ने EPS-95 पेंशनर्स की मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाते हुए सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार पर पेंशनर्स की मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो EPS-95 आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाया जाएगा।
