भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तान में मंत्रियों की सैलरी में 188% की बढ़ोतरी

भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तान में मंत्रियों की सैलरी में 188% की बढ़ोतरी

पाकिस्तान में नेताओं की वेतन बढ़ोतरी पर मचा बवाल, आतंकी हमलों और आर्थिक बदहाली के बीच उठे सवाल, राष्ट्रपति ने जताई असहमति लेकिन कैबिनेट ने दिलाई मंजूरी

5 मई 2025, नई दिल्ली

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली के बीच, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने “केंद्रीय मंत्री और राज्य मंत्री (वेतन, भत्ते और विशेषाधिकार) संशोधन अध्यादेश, 2025” पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे मंत्रियों के वेतन में 188% तक की बढ़ोतरी हुई है। अब केंद्रीय और राज्य मंत्रियों का मासिक वेतन 5,19,000 पाकिस्तानी रुपये हो गया है, जो पहले क्रमशः 2,00,000 और 1,80,000 रुपये था।

इससे पहले, फरवरी 2025 में, पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने “सांसद वेतन और भत्ता संशोधन विधेयक 2025” पारित किया था, जिसके तहत सांसदों के वेतन में 138% की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे उनका मासिक वेतन 2,18,000 रुपये से बढ़ाकर 5,19,000 रुपये कर दिया गया।

यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और विदेशी कर्ज के दबाव से जूझ रहा है। जनता आवश्यक वस्तुओं की कमी और बढ़ती कीमतों से परेशान है, वहीं नेताओं की वेतन वृद्धि ने आम लोगों के बीच नाराजगी बढ़ा दी है।

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पृष्ठभूमि में भारत-पाकिस्तान तनाव

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया है और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस पृष्ठभूमि में, पाकिस्तान में नेताओं की वेतन वृद्धि को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी सवाल उठ रहे हैं।

सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर आम जनता ने इस वेतन वृद्धि की कड़ी आलोचना की है। लोगों का कहना है कि जब देश की आर्थिक स्थिति खराब है और जनता को दो वक्त की रोटी जुटाने में मुश्किल हो रही है, तब नेताओं की सैलरी में इतनी बड़ी बढ़ोतरी अनुचित है। पाकिस्तान सरकार का यह कदम न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से बल्कि नैतिक दृष्टिकोण से भी सवालों के घेरे में है। जब देश की जनता आर्थिक तंगी से जूझ रही है, तब नेताओं की सैलरी में इतनी बड़ी बढ़ोतरी सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाती है।

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