15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी को मिली बिहार की सीनियर टीम की कप्तानी

15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी को मिली बिहार की सीनियर टीम की कप्तानी

वैभव सूर्यवंशी को 2026-27 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए बिहार की सीनियर टीम का कप्तान बनाया गया है। जानें उनकी टीम, मैच और भारत ए का शेड्यूल

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को महज 15 साल की उम्र में बिहार की सीनियर क्रिकेट टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी मिली है। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) ने 2026-27 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) के लिए 17 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, जिसमें बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव को कप्तान बनाया गया है।

हालांकि, उनकी कप्तानी लंबी नहीं चल सकती। इस महीने के अंत में उन्हें दोहा में होने वाले राइजिंग स्टार्स एशिया कप के लिए भारत ए टीम से जुड़ना है। ऐसे में वैभव के बिहार के लिए शुरुआती दो मैचों में कप्तानी करने की संभावना है।

पहली बार बिहार की सीनियर टीम की कप्तानी

BCA ने 6 नवंबर 2026 को बिहार की 17 सदस्यीय टीम का ऐलान किया। टीम की कमान वैभव सूर्यवंशी को दी गई है, जबकि सूरज कश्यप उपकप्तान बनाए गए हैं।

यह बिहार की सीनियर टीम के साथ वैभव की पहली आधिकारिक कप्तानी होगी। चयनकर्ताओं ने कम उम्र के बावजूद उनके प्रदर्शन और सीनियर क्रिकेट में अब तक के अनुभव को देखते हुए उन पर भरोसा जताया है।

चयन समिति ने 4 से 6 नवंबर के बीच खिलाड़ियों के प्रदर्शन और ट्रायल के आधार पर टीम का चयन किया। चयन बैठक में समिति के चेयरमैन हरविंदर सिंह और सदस्य अमिताभ विजयवर्गीय मौजूद रहे।

बिहार की रणजी ट्रॉफी टीम का सपोर्ट स्टाफ भी टूर्नामेंट के दौरान टीम के साथ काम करेगा।

बिहार की 17 सदस्यीय टीम

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए बिहार ने 17 खिलाड़ियों की टीम चुनी है।

टीम:
वैभव सूर्यवंशी (कप्तान), आलोक कुमार, आयुष लोहारुका (विकेटकीपर), अल्तमश अशरफ, परम कुमार सिंह, अनमोल कुमार (विकेटकीपर), रित्विक राज, सूरज कश्यप (उपकप्तान), मयंक कुमार, राघवेंद्र प्रताप, आशीष कुमार, वासुदेव प्रताप सिंह, मोहम्मद इजहार, अमोद यादव, प्रशांत सिंह, नवाज खान और हिमांशु सिंह।

बिहार को टूर्नामेंट के एलीट ग्रुप बी में रखा गया है। इस ग्रुप में सौराष्ट्र, रेलवे, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु भी शामिल हैं।

एलीट ग्रुप टूर्नामेंट की मुख्य प्रतिस्पर्धी श्रेणी होती है, जहां टीमों को अगले चरण में पहुंचने के लिए ग्रुप स्टेज में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

कितने मैचों में कप्तानी करेंगे वैभव?

वैभव की कप्तानी को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह बिहार के कितने मैचों में टीम की कमान संभालेंगे।

क्रिकबज, द इंडियन एक्सप्रेस और इंडिया टुडे समेत कई रिपोर्ट्स के मुताबिक वैभव बिहार के शुरुआती दो मैचों में कप्तानी करेंगे। इनमें 14 नवंबर को सौराष्ट्र और 16 नवंबर को रेलवे के खिलाफ होने वाले मुकाबले शामिल हैं। दोनों मैच इंदौर में खेले जाएंगे।

कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया है कि वैभव सिर्फ पहले मैच में कप्तानी करेंगे। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार वह शुरुआती दो मुकाबलों में टीम की अगुवाई करेंगे। इसलिए फिलहाल दो मैचों वाली जानकारी ज्यादा मजबूत आधार पर है। उनकी उपलब्धता को लेकर BCA की अंतिम पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

भारत ए के साथ दोहा जाएंगे वैभव

वैभव की कप्तानी का कार्यकाल छोटा रहने की मुख्य वजह उनकी भारत ए टीम की जिम्मेदारी है।

उन्हें ACC Men’s Rising Stars Asia Cup 2026 के लिए भारत की 15 सदस्यीय टीम में चुना गया है। यह टूर्नामेंट 19 से 29 नवंबर तक दोहा, कतर में खेला जाएगा।

भारत ए की कप्तानी तिलक वर्मा करेंगे, जबकि रजत पाटीदार उपकप्तान होंगे। भारत ए अपना पहला मुकाबला 20 नवंबर को नेपाल के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद टीम पाकिस्तान ए और संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ भी खेलेगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक वैभव करीब 16 नवंबर को भारत ए टीम के साथ दोहा रवाना हो सकते हैं। इस वजह से बिहार के शुरुआती मैचों के बाद उनका टीम के साथ बने रहना मुश्किल होगा।

भारत ए में चयन वैभव को अंतरराष्ट्रीय स्तर के युवा खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने और अनुभव हासिल करने का एक और मौका देगा।

15 साल की उम्र में तेजी से बढ़ा वैभव का कद

वैभव सूर्यवंशी की कप्तानी उनके तेजी से आगे बढ़ते क्रिकेट करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

2025-26 रणजी ट्रॉफी में वह शुरुआती दो राउंड के लिए बिहार के उपकप्तान भी बनाए गए थे। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 14 साल थी। इसके अलावा 2026-27 दलीप ट्रॉफी में उन्होंने ईस्ट जोन के उपकप्तान की भूमिका भी निभाई।

उपकप्तान के तौर पर उन्हें टीम के नेतृत्व में फैसले लेने और जिम्मेदारियां समझने का अनुभव मिला। अब पहली बार उन्हें सीनियर स्तर पर पूरी टीम की कमान संभालने का मौका मिला है।

उनका प्रदर्शन भी लगातार चर्चा में रहा है। IPL 2025 में वह 14 साल 23 दिन की उम्र में टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। इसके बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ सिर्फ 35 गेंदों में शतक लगाकर उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं।

वह बाद में IPL में सबसे कम उम्र के ऑरेंज कैप विजेता भी बने। ऑरेंज कैप IPL सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज को दी जाती है।

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी बना चुके हैं रिकॉर्ड

वैभव को इस टूर्नामेंट का अनुभव भी है, जबकि उनकी उम्र अभी सिर्फ 15 साल है।

उन्होंने 2024 में 13 साल की उम्र में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में डेब्यू किया था और उस समय वह प्रतियोगिता के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे।

2025-26 सीजन में उन्होंने एक और रिकॉर्ड बनाया। 14 साल 250 दिन की उम्र में वह टूर्नामेंट में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बने।

महाराष्ट्र के खिलाफ ईडन गार्डन्स में उन्होंने नाबाद 108 रन की पारी खेली। उन्होंने 61 गेंदों में यह स्कोर बनाया, जिसमें सात चौके और सात छक्के शामिल थे।

इस पारी ने उन्हें घरेलू टी20 क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा बल्लेबाजों में शामिल कर दिया।

BCA और कोच ने जताया भरोसा

BCA अध्यक्ष हर्ष वर्धन ने वैभव की परिपक्वता और दबाव संभालने की क्षमता पर भरोसा जताया है। उनका मानना है कि कप्तानी वैभव को क्रिकेटर के साथ-साथ एक लीडर के तौर पर भी विकसित होने में मदद करेगी।

बिहार के कोच मनीष ओझा ने भी इस फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वैभव ने अपने प्रदर्शन और सीनियर स्तर पर मिले पिछले अनुभव के आधार पर यह जिम्मेदारी हासिल की है।

ओझा ने माना कि इतनी कम उम्र में कप्तानी बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन उनके मुताबिक वैभव पहले ही नेतृत्व से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालने की क्षमता दिखा चुके हैं।

कम उम्र में कप्तानी, फायदा या दबाव?

15 साल के खिलाड़ी को सीनियर टीम की कप्तानी देने के फैसले से स्वाभाविक रूप से चर्चा भी शुरू हुई है।

कप्तानी वैभव को फैसले लेने, खिलाड़ियों को संभालने और सीनियर क्रिकेट की रणनीतिक जरूरतों को समझने का अनुभव दे सकती है। दूसरी ओर, कप्तानी के साथ बल्लेबाजी के अलावा टीम के प्रदर्शन की जिम्मेदारी भी जुड़ जाती है।

ऐसे में सवाल यह है कि इतनी कम उम्र में नेतृत्व का अनुभव युवा खिलाड़ी के विकास में मदद करेगा या उस पर अतिरिक्त दबाव डालेगा।

इसका जवाब फिलहाल तय नहीं है। आने वाले मैचों में वैभव का प्रदर्शन, उनके आसपास का सपोर्ट सिस्टम और वह जिम्मेदारियों को किस तरह संभालते हैं, इससे तस्वीर ज्यादा साफ होगी।

सौराष्ट्र और रेलवे के खिलाफ पहला टेस्ट

बिहार अपने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी अभियान की शुरुआत 14 नवंबर को सौराष्ट्र के खिलाफ करेगा। यह मुकाबला इंदौर के होलकर स्टेडियम में सुबह 11 बजे से खेला जाएगा।

इसके बाद 16 नवंबर को बिहार का सामना रेलवे से होगा। दोनों मुकाबलों में वैभव के कप्तानी करने की उम्मीद है।

इसके बाद बिहार एलीट ग्रुप बी में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु जैसी टीमों से मुकाबला करेगा। टूर्नामेंट का फाइनल 6 दिसंबर को खेला जाएगा।

वैभव के लिए शुरुआती मुकाबले पहली बार सीनियर स्तर पर अनुभवी खिलाड़ियों की टीम की आधिकारिक कप्तानी करने का मौका होंगे। इसके बाद उनका ध्यान भारत ए के साथ दोहा में होने वाले राइजिंग स्टार्स एशिया कप पर रहेगा।

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