90 KM की साप्ताहिक रनिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, ऐसे तैयार हुईं कविता चंद

90 KM की साप्ताहिक रनिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, ऐसे तैयार हुईं कविता चंद

शिकागो मैराथन और हिमलुंग हिमाल अभियान के अनुभव के बाद कविता ने 22 घंटे 36 मिनट में माउंट किलिमंजारो की चढ़ाई और वापसी पूरी की

नई दिल्ली: माउंट किलिमंजारो की 5,895 मीटर ऊंची उहुरू पीक तक पहुंचना पर्वतारोहियों के लिए बड़ी चुनौती है। भारतीय पर्वतारोही और मैराथन धावक कविता चंद ने इस चढ़ाई और वापसी का सफर 22 घंटे 36 मिनट में पूरा किया। उन्हें चोटी तक पहुंचने में 12 घंटे 46 मिनट लगे।

इस उपलब्धि के पीछे उनकी लंबी ट्रेनिंग और अलग-अलग पर्वतीय अभियानों का अनुभव रहा।

हर सप्ताह 70 से 90 किलोमीटर दौड़ती थीं कविता

कविता ने 11 अक्टूबर को होने वाली शिकागो मैराथन के लिए तीन महीने तक तैयारी की। वह हर सप्ताह करीब 70 से 90 किलोमीटर दौड़ती थीं। इसके साथ ही सप्ताह में तीन बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करती थीं।

इस अभ्यास का उद्देश्य मांसपेशियों को मजबूत करना और लंबे समय तक शारीरिक दबाव झेलने की क्षमता बढ़ाना था। शिकागो मैराथन में उन्होंने भारतीय महिलाओं के बीच तीसरा स्थान हासिल किया।

हिमलुंग हिमाल अभियान से मिला ऊंचाई का अनुभव

मैराथन के बाद कविता नेपाल के हिमलुंग हिमाल अभियान पर गईं। यह पर्वत 7,126 मीटर ऊंचा है। कविता करीब 6,600 मीटर तक पहुंचीं, लेकिन शिखर तक नहीं पहुंच सकीं।

इस अभियान ने उन्हें अधिक ऊंचाई पर चढ़ाई करने और कठिन परिस्थितियों का अनुभव दिया। किलिमंजारो की चुनौती से पहले यह अनुभव उनके काम आया।

किलिमंजारो पर 22 घंटे 36 मिनट का अभियान

कविता ने म्वेका गेट से चढ़ाई शुरू की और उहुरू पीक पर पहुंचने के बाद उसी रास्ते से वापस लौटीं। आमतौर पर इस पर्वत की चढ़ाई और वापसी में पांच से नौ दिन लगते हैं।

ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन कम होने के कारण पर्वतारोहियों को शरीर को अनुकूल बनाने के लिए समय देना पड़ता है। कविता ने इस चुनौती को कम समय में पूरा करने के लिए अपनी शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति पर काम किया।

टीम के सहयोग से पूरी हुई चढ़ाई

बूट्स एंड क्रैम्पन्स के भरत और रोमिल ने तंजानिया की स्थानीय टीम के साथ अभियान की योजना बनाई। 4,673 मीटर पर बाराफू कैंप तैयार किया गया। गाइड, समिट पोर्टर और स्थानीय समन्वयक इमैनुएल ने भी अभियान में मदद की।

सेवन समिट्स यात्रा में पांचवां पड़ाव

किलिमंजारो कविता की सेवन समिट्स यात्रा का पांचवां पर्वत है। वह एल्ब्रुस, डेनाली, विंसन और एकॉनकागुआ पर भी चढ़ाई कर चुकी हैं। इसके अलावा, छह वर्ल्ड मैराथन मेजर में से पांच पूरी कर चुकी हैं।

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