रोहित कुमार सिंह बने डिजिटल एसेट्स के नए स्व-नियामक निकाय के अध्यक्ष

रोहित कुमार सिंह बने डिजिटल एसेट्स के नए स्व-नियामक निकाय के अध्यक्ष

भारत वेब3 एसोसिएशन ने रोहित कुमार सिंह को डिजिटल एसेट्स के नए स्व-नियामक निकाय का अध्यक्ष नियुक्त किया। डॉ. प्रज्ञा दास भी इसकी सदस्य बनीं

नई दिल्ली: भारत वेब3 एसोसिएशन (BWA) ने वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्वतंत्र स्व-नियामक निकाय (SRB) बनाने की घोषणा की है। एसोसिएशन ने रोहित कुमार सिंह को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि डॉ. प्रज्ञा दास को सदस्य बनाया गया है।

इस निकाय का उद्देश्य डिजिटल एसेट्स कारोबार में जिम्मेदार कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देना, नियमों के पालन की समीक्षा करना और ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए मानक विकसित करना है।

रोहित कुमार सिंह का प्रशासनिक अनुभव

रोहित कुमार सिंह 1989 बैच के राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं। वह भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग में सचिव रह चुके हैं। उनके अनुभव में आर्थिक प्रशासन, उपभोक्ता संरक्षण, डिजिटल प्रशासन, बुनियादी ढांचे का विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

उनके कार्यकाल में उपभोक्ता शिकायतों के समाधान के लिए तकनीक आधारित प्रणाली और उपभोक्ता न्यायालयों के डिजिटलीकरण से जुड़ी पहल की गई। इलेक्ट्रॉनिक शिकायत दर्ज करने, मामलों की स्थिति जानने और बहुभाषी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाएं इन प्रयासों का हिस्सा थीं।

अपने करियर में उन्होंने केंद्र और राज्य स्तर पर कई विभागों और संगठनों में वरिष्ठ पदों पर काम किया।

डॉ. प्रज्ञा दास को भी मिली जिम्मेदारी

डॉ. प्रज्ञा दास का अनुभव मौद्रिक नीति, बैंकिंग नियमन, वित्तीय बाजार संचालन और आर्थिक अनुसंधान से जुड़ा है। वह भारतीय रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति विभाग की पूर्व प्रभारी सलाहकार और मौद्रिक नीति समिति की सचिव रह चुकी हैं।

उन्होंने बैंकिंग नियमन, तरलता प्रबंधन और विदेशी निवेश से संबंधित कामों में भी भूमिका निभाई। इसके अलावा, वह बैंक ऑफ इंग्लैंड में प्रतिनियुक्ति पर काम कर चुकी हैं। उनके शोध में मुद्रास्फीति, व्यापक अर्थव्यवस्था और भुगतान प्रणालियों जैसे विषय शामिल हैं।

नए निकाय की प्राथमिकताएं क्या होंगी?

SRB अपने सदस्यों को निष्पक्ष व्यापार, बाजार में पारदर्शिता, साइबर सुरक्षा और ग्राहक डेटा की सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। टोकन लिस्टिंग, जिम्मेदार मार्केटिंग और शिकायत निवारण भी इसके प्रमुख कार्यक्षेत्र होंगे।

निकाय शासन व्यवस्था और अनुपालन प्रक्रियाओं की समय-समय पर समीक्षा करेगा। धनशोधन रोकने और आतंकवाद के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने से संबंधित उपाय भी इस समीक्षा में शामिल होंगे।

उद्योग में भरोसा बढ़ाने पर जोर

BWA अध्यक्ष दिलीप चेनॉय ने कहा कि SRB का गठन डिजिटल एसेट्स क्षेत्र में जोखिम कम करने और नियमों के पालन को बढ़ावा देने के संगठन के प्रयासों का हिस्सा है।

SRB अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह के मुताबिक, तकनीकी नवाचार के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही भी जरूरी है। डॉ. प्रज्ञा दास ने कहा कि स्वैच्छिक मानक डिजिटल एसेट्स बाजार में अनुशासन बढ़ाने और खुदरा निवेशकों के हितों की रक्षा करने में मदद कर सकते हैं।

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