विदेशी टेस्ट में ऋषभ पंत बने भारत के नंबर-1 विकेटकीपर

विदेशी टेस्ट में ऋषभ पंत बने भारत के नंबर-1 विकेटकीपर

कोलंबो टेस्ट में ऋषभ पंत ने एमएस धोनी को पीछे छोड़ते हुए विदेशी या तटस्थ टेस्ट मैचों में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले नामित विकेटकीपर का रिकॉर्ड अपने नाम किया

नई दिल्ली: भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने अपने टेस्ट करियर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन पंत ने एमएस धोनी का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने विदेशी या तटस्थ टेस्ट मैचों में नामित विकेटकीपर के तौर पर धोनी के 2,496 रनों के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया।

पंत ने 2,500 रन का आंकड़ा पार करते हुए इस रिकॉर्ड के समय 2,501 रन पूरे किए। उनका बल्लेबाजी औसत 41.68 रहा, जबकि धोनी ने इस श्रेणी में 2,496 रन 32.84 के औसत से बनाए थे।

धोनी का यह रिकॉर्ड एक दशक से ज्यादा समय तक भारतीय विकेटकीपरों के लिए मानक बना रहा। अब पंत ने उनसे आगे निकलते हुए यह उपलब्धि अपने नाम कर ली है।

विदेशी टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय विकेटकीपर

विदेशी या तटस्थ टेस्ट मैचों में भारतीय नामित विकेटकीपरों की सूची में पंत अब शीर्ष पर पहुंच गए हैं।

  1. ऋषभ पंत – 2,501 रन, औसत 41.68
  2. एमएस धोनी – 2,496 रन, औसत 32.84
  3. फारुख इंजीनियर – 1,209 रन, औसत 32.67
  4. सैयद किरमानी – 1,109 रन, औसत 21.74
  5. किरण मोरे – 901 रन, औसत 29.06

पंत की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने धोनी से ज्यादा रन बनाने के साथ-साथ बेहतर औसत भी कायम रखा है।

चोट के बाद वापसी कर पंत ने रचा इतिहास

पंत का रिकॉर्ड तोड़ने वाला प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि इससे एक दिन पहले ही उन्हें चोट के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा था।

कोलंबो टेस्ट के पहले दिन श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की शॉर्ट गेंद पंत के बाएं हाथ पर लगी। उस समय पंत 15 गेंदों पर केवल 3 रन बना पाए थे और टीम के फिजियो के साथ मैदान से बाहर चले गए थे।

उनकी दोबारा बल्लेबाजी को लेकर आशंकाएं थीं। हालांकि, दूसरे दिन डेब्यू कर रहे सरांश जैन के आउट होने के बाद पंत फिर मैदान पर लौटे और अपनी टीम के लिए अहम पारी खेली।

जुरेल के साथ मिलकर संभाली भारत की पारी

भारत के छठे विकेट के गिरने के बाद पंत ने ध्रुव जुरेल के साथ मोर्चा संभाला। दोनों विकेटकीपर-बल्लेबाजों ने मिलकर भारत की पारी को मजबूती दी।

दूसरे दिन लंच तक भारत का स्कोर 419/6 था। पंत 63 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि जुरेल 59 रन पर खेल रहे थे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 112 रनों की नाबाद साझेदारी हो चुकी थी।

पंत ने इस दौरान अपना 21वां टेस्ट अर्धशतक पूरा किया और श्रीलंकाई गेंदबाजों की शॉर्ट गेंदों का आक्रामक अंदाज में सामना किया।

95 मीटर का छक्का बना चर्चा का विषय

पंत की पारी में एक शानदार छक्का भी देखने को मिला। उन्होंने लाहिरू कुमारा की गेंद पर करीब 95 मीटर लंबा छक्का लगाया।

गेंद एसएससी ग्राउंड की छत पर जा पहुंची और रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे वहां लगा एक सोलर पैनल भी क्षतिग्रस्त हो गया। यह शॉट पंत की आक्रामक बल्लेबाजी और मैच का रुख बदलने की उनकी क्षमता की एक और मिसाल बना।

क्यों है खास धोनी का रिकॉर्ड तोड़ना ?

एमएस धोनी भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। विदेशी या तटस्थ टेस्ट मैचों में उन्होंने नामित विकेटकीपर के तौर पर 2,496 रन बनाए थे।

अब पंत ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है। रिकॉर्ड के समय उनका औसत 41.68 था, जो धोनी के 32.84 के औसत से काफी बेहतर है।

विदेशी परिस्थितियों में पंत का प्रदर्शन उनके टेस्ट करियर की सबसे बड़ी ताकतों में रहा है। उनका आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज उन्हें आधुनिक क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाजों में शामिल करता है।

श्रीलंका दौरे पर पंत का एक और बड़ा रिकॉर्ड

धोनी का रिकॉर्ड तोड़ना पंत की इस सीरीज की पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में उन्होंने दूसरी पारी में 66 रन बनाते हुए टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया था।

वह टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले दुनिया के केवल चौथे बल्लेबाज भी बने। उनसे पहले बेन स्टोक्स, ब्रेंडन मैकुलम और एडम गिलक्रिस्ट यह उपलब्धि हासिल कर चुके थे।

कोलंबो में मजबूत स्थिति में भारत

पंत का रिकॉर्ड उस समय आया जब भारत कोलंबो टेस्ट में मजबूत स्थिति में पहुंच रहा था। पहले दिन भारत ने 300/5 का स्कोर बनाया था, जिसमें देवदत्त पडिक्कल ने शानदार शतक लगाया।

पहले दिन पंत की चोट चिंता का विषय बनी थी, लेकिन दूसरे दिन उनकी वापसी और जुरेल के साथ साझेदारी ने भारत को 400 के पार पहुंचाने में मदद की।

भारत ने गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना रखी है। कोलंबो टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला है।

पंत के रिकॉर्ड का सिलसिला जारी

सिर्फ 28 वर्ष की उम्र में ऋषभ पंत भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल विकेटकीपर-बल्लेबाजों में अपनी जगह बना चुके हैं। विदेशी परिस्थितियों में धोनी का रिकॉर्ड तोड़ना उनके करियर की निरंतरता और प्रभाव को दर्शाता है।

यह उपलब्धि केवल पांच रन ज्यादा बनाने तक सीमित नहीं है। यह इस बात का संकेत है कि पंत ने विदेशी परिस्थितियों में भी खुद को एक भरोसेमंद और मैच जिताऊ बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया है।

और चूंकि कोलंबो टेस्ट अभी जारी है, ऐसे में पंत के रन और बढ़ सकते हैं।

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