जनहित सूचना: छात्रों और अभिभावकों से प्रवेश से पहले संस्थान की वैधानिक मान्यता जांचने की अपील
नई दिल्ली: Allied Health और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए पेशेवर मान्यता की जांच करना बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है। 2026–27 के दाखिला सत्र से पहले जारी जनहित सूचना में छात्रों और अभिभावकों से कहा गया है कि वे केवल डिग्री की शैक्षणिक वैधता देखकर दाखिला न लें, बल्कि यह भी जांचें कि संबंधित योग्यता पेशेवर पंजीकरण के लिए मान्य है या नहीं।
राष्ट्रीय सहायक एवं स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय आयोग अधिनियम, 2021 और संबंधित परिपत्रों का हवाला देते हुए जारी सूचना में कहा गया है कि किसी संस्थान द्वारा संचालित पाठ्यक्रम की शैक्षणिक स्थिति और पेशेवर मान्यता अलग-अलग हो सकती है।
सेंट मैरी पुनर्वास विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं कुलाधिपति डॉ. रेव. के.वी.के. राव द्वारा जारी सूचना में तीन प्रमुख मामलों में छात्रों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इनमें तीन वर्षीय Allied Health डिग्री पाठ्यक्रम, आवश्यक नियामकीय मंजूरी के बिना संचालित चार वर्षीय पाठ्यक्रम और विश्वविद्यालय के स्वीकृत शैक्षणिक दायरे से बाहर संचालित पेशेवर पाठ्यक्रम शामिल हैं।
सूचना के अनुसार, अधिकांश सहायक एवं स्वास्थ्य सेवा व्यवसायों के लिए चार वर्षीय दक्षता-आधारित पाठ्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। इसलिए छात्रों को किसी तीन वर्षीय पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने से पहले संबंधित पेशेवर पंजीकरण की पात्रता की पुष्टि करनी चाहिए।
इसी तरह, चार वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए राष्ट्रीय आयोग या संबंधित राज्य परिषद की आवश्यक मंजूरी की जांच करना जरूरी है। निजी विश्वविद्यालयों के मामले में पाठ्यक्रम का विश्वविद्यालय के आशय पत्र, प्रथम अध्यादेश या अन्य वैध मंजूरी के दायरे में होना भी सुनिश्चित करना चाहिए।
छात्रों को सलाह दी गई है कि दाखिला शुल्क जमा करने से पहले संस्थान से सभी संबंधित दस्तावेज लिखित रूप में प्राप्त करें। इससे भविष्य में पेशेवर पंजीकरण या रोजगार से जुड़ी संभावित समस्याओं से बचने में मदद मिल सकती है।
