मंगलमई ने फिल्म ‘रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड’ के साथ साझेदारी की है। अभियान में दीया जलाने की परंपरा और रामायण के सांस्कृतिक मूल्यों को जोड़ा जाएगा
नई दिल्ली: भारतीय परिवारों में दीया जलाने की परंपरा को रामायण के सांस्कृतिक मूल्यों के साथ जोड़ने के लिए मंगलमई ने फिल्म ‘रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड’ के साथ साझेदारी की है। नमित मल्होत्रा की यह फिल्म 5 नवंबर को रिलीज होगी। मंगलमई इस फिल्म का आधिकारिक दीया ऑयल पार्टनर बना है।
कंपनी के अनुसार, इस सहयोग का उद्देश्य दिवाली के दौरान परिवारों के साथ ब्रांड का जुड़ाव बढ़ाना और भारतीय परंपराओं को नए अंदाज में सामने लाना है।
प्रकाश और सकारात्मकता का प्रतीक है दीया
भारतीय पूजा परंपरा में दीया जलाने का विशेष महत्व है। इसे अंधकार पर प्रकाश की जीत, भक्ति, आस्था और नई उम्मीद का प्रतीक माना जाता है। शुभ अवसरों और रोज की पूजा में दीया जलाने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है।
रामायण की कहानी भी धर्म, सत्य, भक्ति और अच्छाई की बुराई पर जीत जैसे मूल्यों से जुड़ी है। मंगलमई अपनी साझेदारी के जरिए इन दोनों सांस्कृतिक पहलुओं को एक साथ लाने की कोशिश कर रहा है।
‘मंगलमई के दीये खुशियों के लिए’ अभियान
इस साझेदारी के तहत कंपनी ‘मंगलमई के दीये खुशियों के लिए’ नाम से 360 डिग्री अभियान चलाएगी। इसमें डिजिटल और सोशल मीडिया प्रचार, दुकानों पर ब्रांड की मौजूदगी, प्रचार सामग्री और उपभोक्ताओं के लिए प्रतियोगिताएं शामिल होंगी।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को रामायण से जुड़ी खास चीजें मिलेंगी। इनमें अमर चित्र कथा कॉमिक बुक का विशेष संस्करण भी शामिल है। इसके अलावा, मंगलमई की बोतलों पर दिवाली के खास स्टिकर लगाए जाएंगे।
महिला कारीगरों के लिए भी पहल
ब्रांड एक एनजीओ के साथ मिलकर खास दीये तैयार करवा रहा है। इस पहल के जरिए महिला कारीगरों को सहयोग देने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
परिवारों से जुड़ाव बढ़ाने का लक्ष्य
मंगलमई के प्रवक्ता के अनुसार, दीया जलाना भारतीय परिवारों की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं का हिस्सा है। कंपनी इस अभियान के जरिए त्योहारों, कहानियों और ग्राहकों की भागीदारी को एक साथ लाना चाहती है।
मंगलमई के मुताबिक, उसके दीया ऑयल में तिल के तेल के गुण हैं और इससे दीया लंबे समय तक जलता है तथा कालिख नहीं निकलती।
