15 अगस्त से लागू होगी सरकार की नई फास्टैग टोल योजना, ₹3,000 में मिलेगा सालाना फास्टैग पास और 200 ट्रिप्स की सुविधा
19 जून 2025, नई दिल्ली
मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को और सरल बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फास्टैग वार्षिक पास (Fastag Annual Pass) लॉन्च करने की घोषणा की।
यह योजना 15 अगस्त 2025 से लागू होगी, जिसके तहत केवल ₹3,000 में एक वर्ष या 200 ट्रिप्स (जो पहले पूरा हो) तक राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाज़ा पार किया जा सकेगा। हालांकि शुरुआत में इसे लेकर अटकलें थीं कि यह पास असीमित यात्रा की अनुमति देगा, लेकिन सरकार ने इसे एक साल या 200 यात्राओं तक सीमित रखा है।
क्या है फास्टैग वार्षिक पास?
- यह पास असीमित यात्रा की सुविधा नहीं देता।
- ₹3,000 के भुगतान पर या तो एक साल के लिए, या फिर 200 ट्रिप्स तक टोल भुगतान से छूट मिलेगी (जो पहले पूरा हो)।
- एक ट्रिप का मतलब एक बार टोल प्लाज़ा पार करना होता है, जबकि राउंड ट्रिप को दो ट्रिप्स के रूप में गिना जाएगा।
कैसे मिलेगा वार्षिक पास?
पास को पाने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और आसान है:
- सबसे पहले वाहन और फास्टैग की पात्रता की जांच की जाएगी।
- इसके बाद NHAI की वेबसाइट या हाईवे ट्रैवल मोबाइल ऐप पर जाकर ₹3,000 का भुगतान करना होगा।
- भुगतान की पुष्टि के बाद, वर्षिक पास फास्टैग पर सक्रिय हो जाएगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:
प्रश्न: क्या वार्षिक पास के लिए नया फास्टैग खरीदना जरूरी है?
उत्तर: नहीं। अगर आपका मौजूदा फास्टैग पात्रता मानदंडों को पूरा करता है तो वही उपयोग किया जा सकता है।
प्रश्न: यदि फास्टैग केवल चेसी नंबर से पंजीकृत है तो क्या पास मिलेगा?
उत्तर: नहीं। वार्षिक पास केवल उन्हीं फास्टैग पर मिलेगा जिनमें वाहन पंजीकरण संख्या (VRN) अपडेट हो।
प्रश्न: क्या राउंड ट्रिप को एक ट्रिप माना जाएगा?
उत्तर: नहीं। एक राउंड ट्रिप को दो ट्रिप्स के रूप में गिना जाएगा — एक जाने का और एक लौटने का।
प्रश्न: क्या पास एक्टिव होने पर SMS मिलेगा?
उत्तर: हां। पास सक्रिय होते ही पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS अलर्ट भेजा जाएगा।
यह नई योजना दैनिक यात्रियों, कॉमर्शियल वाहन मालिकों और नियमित टोल भुगतान करने वालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। इससे न केवल यात्रा खर्च कम होगा बल्कि डिजिटल भुगतान प्रणाली को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘ईज़ ऑफ ट्रैवल’ जैसे अभियानों को यह योजना मजबूती देने वाली है।
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