हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द किया, अब दोबारा होगी सुनवाई; विरासत पर सैफ का दावा कमजोर
5 जुलाई 2025, भोपाल
बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान को उनकी नवाबी पैतृक संपत्ति को लेकर बड़ा कानूनी झटका लगा है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया है जिसमें उन्हें, उनकी मां शर्मिला टैगोर, और बहनों सोहा अली खान व सबा अली खान को भोपाल के नवाबी परिवार की संपत्ति का वैध उत्तराधिकारी माना गया था।
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब केंद्र सरकार ने इस विरासत को ‘दुश्मन की संपत्ति (Enemy Property)’ करार देते हुए इसके मालिकाना हक को भारत सरकार के अधीन बता दिया। अब हाई कोर्ट के निर्देश पर ट्रायल कोर्ट को इस मामले की पुनः सुनवाई एक साल के भीतर पूरी करनी होगी।
क्या होती है ‘दुश्मन की संपत्ति’?
‘दुश्मन की संपत्ति’ वह संपत्ति होती है जो भारत-पाकिस्तान या भारत-चीन विभाजन के समय उन लोगों की थी जो पाकिस्तान या चीन चले गए। Enemy Property Act के तहत ऐसी संपत्तियों पर भारत सरकार का अधिकार हो जाता है और उनके वारिसों का दावा अमान्य हो सकता है।
कैसे कमजोर हुआ सैफ का दावा?
भोपाल के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान की तीन बेटियां थीं। इनमें से सबसे बड़ी, आबिदा सुल्तान, विभाजन के बाद पाकिस्तान चली गईं। सैफ अली खान की दादी साजिदा सुल्तान, भारत में ही रहीं। केंद्र सरकार का तर्क है कि एक वारिस पाकिस्तान चली गई थीं, इसलिए यह संपत्ति शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आती है।
2015 में सैफ अली खान ने इस फैसले के खिलाफ स्टे लिया था, जिसे हाई कोर्ट ने 13 दिसंबर 2024 को रद्द कर दिया। कोर्ट ने उन्हें 30 दिन के भीतर दावा दाखिल करने का मौका दिया, लेकिन तय समय में कोई वैध दस्तावेज कोर्ट में नहीं रखा गया, जिससे उनका पक्ष कमजोर पड़ा।
एक बार फिर ट्रायल कोर्ट में होगी सुनवाई
नवाब हमीदुल्लाह खान के अन्य उत्तराधिकारियों ने सैफ के विरासत दावे को यह कहते हुए चुनौती दी कि इस संपत्ति का बंटवारा मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एक्ट, 1937 के अनुसार होना चाहिए, जो नवाब की मृत्यु (1960) के समय प्रभावी था। इसी आधार पर 1999 में ट्रायल कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
अब हाई कोर्ट ने उस पर दोबारा सुनवाई कर एक वर्ष में फैसला सुनाने के निर्देश दिए हैं।
किन संपत्तियों पर है विवाद?
इस बहुचर्चित विरासत में कई बेशकीमती संपत्तियां शामिल हैं—जैसे कि भोपाल स्थित फ्लैग स्टाफ हाउस (जहां सैफ का बचपन बीता), नूर-अस-सबाह पैलेस, दार-अस-सलाम, हबीबी का बंगला, अहमदाबाद पैलेस, और कोहेफिजा क्षेत्र की अन्य संपत्तियां। इनकी कुल अनुमानित कीमत करीब ₹15,000 करोड़ बताई जा रही है।
यह भी पढ़ें : दिल्ली के नजफगढ़ में इन्दिरा आईवीएफ के नए फर्टिलिटी क्लिनिक का शुभारंभ

