नई दिल्ली: दिल्ली के किदवई नगर ईस्ट में दुर्गा पूजा के आयोजन के साथ बंगाली संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिल रही है। किदवई नगर ईस्ट सार्बोजनिन पूजा समिति, किदवई नगर ईस्ट बांगिया समिति (पंजीकृत) के तहत 16 से 21 अक्टूबर तक टाइप-V स्थित हनुमान मंदिर परिसर में सार्बोजनिन श्री श्री दुर्गा पूजा आयोजित कर रही है। इस साल आयोजन का छठा वर्ष है।
समिति का नेतृत्व क्षेत्र की महिला निवासी कर रही हैं। पूजा के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पुष्पांजलि, आरती, प्रसाद और भोग वितरण के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से स्थानीय निवासियों को पूजा में शामिल होने और बंगाली सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है।

समिति की अध्यक्ष सुमना रॉय ने कहा कि दुर्गा पूजा धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक एकता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों से समिति स्थानीय लोगों के सहयोग से इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है।
उपाध्यक्ष इंदिरा उपाध्याय के अनुसार, पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हर आयु वर्ग की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाता है। महासचिव सुभाष चंद्र घोष ने कहा कि स्थानीय निवासियों का सहयोग कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम है।

दिल्ली में पहली बार दुर्गा पूजा देखने आए सौरव और रिया ने भी आयोजन को पसंद किया। उनके अनुसार, यहां पूजा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनुभव उन्हें बंगाली परंपराओं को समझने का अवसर देता है।
समिति दुर्गा पूजा के बाद भी सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रखेगी। 25 अक्टूबर को कोजागरी लक्ष्मी पूजा, 8 नवंबर को काली पूजा और 11 फरवरी 2027 को सरस्वती पूजा आयोजित करने की योजना है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समिति पूरे साल स्थानीय समुदाय को एक साथ जोड़ने का प्रयास करेगी।
