नई दिल्ली: डायरेक्ट-टू-डिवाइस (D2D) कनेक्टिविटी, मल्टी-ऑर्बिट स्पेस सिस्टम और सॉफ्टवेयर डिफाइंड कम्युनिकेशंस जैसी तकनीकों पर नई दिल्ली में विशेषज्ञों ने चर्चा की। MERI कैंपस में आयोजित राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में भविष्य के संचार नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
टारामंडल कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित सम्मेलन का संयुक्त आयोजन MERI के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस स्टडीज, MERI ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस और सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज (CLAWS) ने किया।
सम्मेलन में रक्षा रणनीतिकारों, टेलीकॉम विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने स्पेस नेटवर्क, 5जी, 6जी और मल्टी-ऑर्बिट आर्किटेक्चर के बीच बढ़ते तालमेल पर चर्चा की। संचार नेटवर्क की मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी चर्चा में प्रमुख स्थान मिला।
प्रो. ललित अग्रवाल ने उद्घाटन संबोधन दिया। लेफ्टिनेंट जनरल पी. जे. एस. पन्नू ने भविष्य के मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस में सॉफ्टवेयर डिफाइंड आर्किटेक्चर की भूमिका पर बात की।
सी-डॉट के पूर्व कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ श्री विपिन त्यागी ने 5जी, 6जी और स्पेस नेटवर्क में सॉफ्टवेयर डिफाइंड कम्युनिकेशंस पर चर्चा की।
कर्नल भारत गुप्ता ने D2D कनेक्टिविटी, स्पेक्ट्रम और सीमा सुरक्षा पर अपने विचार रखे। ब्रिगेडियर (डॉ.) नवजोत सिंह बेदी ने मल्टी-ऑर्बिट स्पेस सिस्टम पर प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में आयोजित राउंड टेबल चर्चा की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल पी. जे. एस. पन्नू ने की। एयर कमोडोर हिमांशु गोपाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
