इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी से जुड़े बयान पर नवनीत चतुर्वेदी ने उठाए सवाल, MEA से जांच की मांग

इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी से जुड़े बयान पर नवनीत चतुर्वेदी ने उठाए सवाल, MEA से जांच की मांग

पार्टी अध्यक्ष ने कहा- यह बयान राजनीतिक मजाक तक सीमित है या इससे कूटनीतिक स्तर पर असर पड़ सकता है, इसकी जांच की जाए

नई दिल्ली: 13 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम में राहुल गांधी और संदीप दीक्षित की बातचीत के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के कथित संदर्भ को लेकर नवनीत चतुर्वेदी ने जांच की मांग की है।

जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चतुर्वेदी विदेश मंत्रालय (MEA) और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को इस संबंध में प्रतिवेदन देने जा रहे हैं। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी नेताओं से गले मिलने की शैली पर टिप्पणी करते हुए संदीप दीक्षित के साथ शारीरिक प्रदर्शन किया था।

इसी बातचीत में कथित तौर पर मेलोनी का नाम लिया गया। चतुर्वेदी ने कहा कि वह किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों को यह जांचना चाहिए कि यह सामान्य राजनीतिक व्यंग्य था या इसके पीछे कोई सुनियोजित प्रयास था।

चतुर्वेदी ने मेलोनी विवाद को लेकर अधिकारियों से कार्यक्रम की पूरी और बिना एडिट की गई वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच की मांग की है। उन्होंने बातचीत के सटीक शब्दों, उनके संदर्भ और जॉर्जिया मेलोनी का नाम बातचीत में कैसे आया, इसकी पड़ताल करने को कहा है। साथ ही, कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों पर सामग्री के प्रसार की भी जांच की मांग की गई है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी विदेशी संगठन, व्यक्ति, मध्यस्थ या बाहरी हित की भूमिका के विश्वसनीय संकेत मिलते हैं, तो उसकी जांच जरूरी है। सरकार से यह भी पता लगाने को कहा गया है कि क्या इटली ने कूटनीतिक माध्यमों से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया या चिंता जताई है और क्या इसका भारत-इटली संबंधों पर असर पड़ सकता है।

चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि वह राजनीतिक सेंसरशिप या प्रधानमंत्री अथवा सरकार की आलोचना पर कार्रवाई की मांग नहीं कर रहे हैं। यदि मामला सामान्य राजनीतिक बयान या व्यंग्य का है, तो आगे कार्रवाई की जरूरत नहीं होगी। लेकिन विदेशी हस्तक्षेप, जानबूझकर समन्वय या किसी गैरकानूनी गतिविधि के प्रमाण मिलने पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विदेश नीति राष्ट्रीय हित से जुड़ी है और डिजिटल मीडिया व सोशल मीडिया के दौर में राजनीतिक बयान तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच सकते हैं।

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