नई दिल्ली: बॉलीवुड में एक्शन फिल्मों की कमी नहीं है, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जिनके एक्शन के पीछे एक भावनात्मक कहानी भी छिपी होती है। ‘Brothers’ ऐसी ही फिल्मों में से एक है। Akshay Kumar और Sidharth Malhotra की यह फिल्म 14 अगस्त 2015 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म को आज 11 साल पूरे हो गए हैं।
करण मल्होत्रा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दो भाइयों की कहानी दिखाई गई थी, जिनके बीच बचपन से ही दूरी और नाराजगी रहती है। हालात दोनों को एक-दूसरे से इतना दूर कर देते हैं कि बाद में वे एक ही परिवार का हिस्सा होने के बावजूद अजनबियों की तरह जिंदगी जीने लगते हैं। लेकिन किस्मत उन्हें एक MMA टूर्नामेंट के रिंग में आमने-सामने खड़ा कर देती है।
फिल्म में Akshay और Sidharth के अलावा Jackie Shroff, Jacqueline Fernandez और Shefali Shah जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में थे। ‘Brothers’ सिर्फ फाइट और एक्शन पर आधारित फिल्म नहीं थी, बल्कि इसके केंद्र में परिवार, पछतावा, प्यार और भाईचारे की कहानी थी।
हॉलीवुड फिल्म ‘Warrior’ का हिंदी रीमेक थी ‘Brothers’
‘Brothers’ 2011 में रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्म ‘Warrior’ की आधिकारिक हिंदी रीमेक थी। मूल फिल्म की कहानी भी दो भाइयों और MMA टूर्नामेंट के इर्द-गिर्द घूमती थी।
हिंदी दर्शकों के हिसाब से कहानी में भारतीय परिवार और भावनाओं को ज्यादा जगह दी गई। फिल्म का फोकस सिर्फ फाइटिंग पर नहीं था। इसमें पिता और बेटों के रिश्ते, परिवार के टूटने और फिर दोबारा जुड़ने की कोशिश को भी दिखाया गया।
यही वजह थी कि फिल्म को एक सामान्य स्पोर्ट्स ड्रामा से अलग बनाने की कोशिश की गई।
अक्षय कुमार बने डेविड फर्नांडिस
फिल्म में अक्षय कुमार ने डेविड फर्नांडिस का किरदार निभाया था। डेविड अपने परिवार को संभालने की कोशिश कर रहा होता है और उसकी जिंदगी में सबसे बड़ी चिंता उसकी बीमार बेटी का इलाज होती है।
अपनी बेटी के इलाज के लिए पैसे जुटाने के मकसद से डेविड एक बार फिर फाइटिंग की दुनिया में लौटता है। उसके लिए MMA सिर्फ मुकाबला नहीं बल्कि परिवार को बचाने का जरिया बन जाता है।
अक्षय कुमार ने इस भूमिका के लिए अपने शरीर और फाइटिंग स्टाइल पर काफी काम किया था। फिल्म में कई एक्शन सीक्वेंस ऐसे थे जिनमें उनके किरदार की शारीरिक ताकत के साथ-साथ उसकी मानसिक स्थिति भी दिखाई गई।
डेविड का किरदार इसलिए भी अलग था क्योंकि वह सिर्फ जीतने के लिए रिंग में नहीं उतरता। उसके पीछे अपनी बेटी को बचाने की मजबूरी और परिवार को संभालने की जिम्मेदारी थी।
सिद्धार्थ मल्होत्रा ने निभाया मोंटी का किरदार
सिद्धार्थ फिल्म में मोंटी फर्नांडिस के किरदार में नजर आए थे। मोंटी का जीवन डेविड से काफी अलग था, लेकिन दोनों के बीच एक रिश्ता ऐसा था जिसे वे चाहकर भी पूरी तरह खत्म नहीं कर सकते थे।
मोंटी के किरदार में गुस्सा, अकेलापन और अपने पिता से जुड़ी नाराजगी साफ दिखाई देती है। वह अपनी पहचान बनाना चाहता है और अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए फाइटिंग को रास्ता बनाता है।
फिल्म के लिए सिद्धार्थ ने अपने शरीर पर काफी मेहनत की थी। उनके लुक में बदलाव साफ नजर आया था। फाइटिंग सीक्वेंस के लिए भी उन्होंने ट्रेनिंग ली थी। फिल्म में अक्षय और सिद्धार्थ के बीच होने वाली भिड़ंत को कहानी का सबसे बड़ा आकर्षण बनाया गया था।
Jackie Shroff बने पिता, जिनकी वजह से टूट गया परिवार
फिल्म में जैकी ने गैरी फर्नांडिस का किरदार निभाया था। गैरी का किरदार कहानी के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक था।
शराब की लत और अपने गुस्से की वजह से गैरी का परिवार टूट जाता है। उसके व्यवहार का असर दोनों बेटों की जिंदगी पर पड़ता है। यही वजह है कि डेविड और मोंटी के बीच दूरी बढ़ती जाती है।
फिल्म आगे बढ़ने के साथ यह भी सामने आता है कि दोनों भाइयों के बीच जितनी नाराजगी है, उसके पीछे पुराने पारिवारिक घाव भी हैं।
जैकी श्रॉफ ने इस भूमिका में एक ऐसे पिता का किरदार निभाया, जो अपनी गलतियों का बोझ उठाता है और अपने परिवार को दोबारा जोड़ने की कोशिश करता है।
MMA रिंग में आमने-सामने आए दोनों भाई
‘Brothers’ का सबसे चर्चित हिस्सा इसके MMA फाइट सीक्वेंस थे। फिल्म में फाइटिंग को सिर्फ स्टाइलिश एक्शन की तरह पेश नहीं किया गया, बल्कि दोनों भाइयों की भावनाओं से जोड़ा गया।
डेविड और मोंटी जब रिंग में आमने-सामने आते हैं तो मुकाबला सिर्फ दो फाइटर्स के बीच नहीं रहता। उनके बीच पुराने गुस्से, शिकायतें और परिवार से जुड़े सवाल भी सामने आते हैं।
क्लाइमेक्स फाइट फिल्म का सबसे भावुक हिस्सा बन जाती है। यहां जीत और हार से ज्यादा महत्वपूर्ण यह था कि दोनों भाई एक-दूसरे को समझ पाते हैं या नहीं। यही भावनात्मक पहलू फिल्म को बाकी एक्शन फिल्मों से अलग करता है।
Jacqueline और Shefali की भी रही अहम भूमिका
फिल्म में जैकलीन फर्नांडिस ने डेविड की पत्नी का किरदार निभाया था। उनका किरदार डेविड की जिंदगी में भावनात्मक सहारा देता है और बेटी की बीमारी के दौरान परिवार की परेशानियों को सामने लाता है।
वहीं शेफाली शाह भी फिल्म का हिस्सा थीं। उनके किरदार ने कहानी के पारिवारिक पक्ष को मजबूत किया।
फिल्म में इन किरदारों के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई कि एक फाइटर की जिंदगी सिर्फ रिंग तक सीमित नहीं होती। उसके पीछे उसका परिवार और उससे जुड़े लोग भी होते हैं।
करण मल्होत्रा के निर्देशन में बनी फिल्म
‘Brothers’ का निर्देशन Karan Malhotra ने किया था। इससे पहले वह ‘Agneepath’ जैसी फिल्म का निर्देशन कर चुके थे।
इस फिल्म में उन्होंने एक्शन और इमोशन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की। कहानी में एक तरफ बड़े स्तर के MMA मुकाबले थे, तो दूसरी तरफ परिवार के टूटने और जुड़ने की भावनात्मक कहानी।
फिल्म का संगीत अजय-अतुल ने तैयार किया था। फिल्म के गानों में भी कहानी के इमोशनल और एक्शन वाले माहौल को बनाए रखने की कोशिश की गई।
बॉक्स ऑफिस पर कैसी रही फिल्म?
‘Brothers’ को रिलीज से पहले काफी बड़े स्तर पर प्रमोट किया गया था। अक्षय कुमार की लोकप्रियता और फिल्म के एक्शन ने शुरुआत में दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा।
फिल्म ने रिलीज के पहले दिन अच्छी कमाई की और शुरुआती दिनों में भी दर्शकों की दिलचस्पी बनी रही। हालांकि समीक्षकों की प्रतिक्रिया पूरी तरह एक जैसी नहीं रही।
कई लोगों ने फिल्म के एक्शन और कलाकारों की मेहनत की तारीफ की, जबकि कुछ दर्शकों को इसकी कहानी और लंबाई थोड़ी ज्यादा लगी।
इसके बावजूद फिल्म ने अपनी अलग पहचान बनाई और खास तौर पर अक्षय कुमार और सिद्धार्थ मल्होत्रा के फाइट सीक्वेंस आज भी चर्चा में आते हैं।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत क्या थी?
‘Brothers’ को याद करने की सबसे बड़ी वजह सिर्फ इसके एक्शन सीन नहीं हैं। फिल्म की असली कहानी दो भाइयों के रिश्ते में छिपी है।
दोनों भाई अलग-अलग परिस्थितियों में बड़े होते हैं। उनके बीच गुस्सा और गलतफहमियां पैदा होती हैं, लेकिन खून का रिश्ता कहीं न कहीं उन्हें एक-दूसरे से जोड़े रखता है।
फिल्म यह बताने की कोशिश करती है कि परिवार में हुई पुरानी गलतियां रिश्तों को तोड़ सकती हैं, लेकिन माफी और समझ कई बार उन्हें दोबारा जोड़ भी सकती है।
11 साल बाद भी क्यों याद आती है ‘Brothers’?
आज ‘Brothers’ को रिलीज हुए 11 साल हो चुके हैं। इस दौरान बॉलीवुड में कई नई एक्शन और स्पोर्ट्स फिल्में आईं, लेकिन यह फिल्म अपनी कहानी और कलाकारों की मेहनत की वजह से आज भी याद की जाती है।
अक्षय कुमार का एक्शन, सिद्धार्थ मल्होत्रा का बदला हुआ लुक, जैकी श्रॉफ का भावुक किरदार और दोनों भाइयों के बीच क्लाइमेक्स मुकाबला फिल्म की खासियत रहे।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिल्म ने फाइटिंग रिंग को सिर्फ जीत-हार का मैदान नहीं बनाया। उस रिंग में दो भाइयों के बीच वर्षों से जमा गुस्सा और दर्द भी सामने आया।
ये भी पढ़ें- भारतीय सिनेमा के 7 सबसे महंगे गाने, करोड़ों में हुआ खर्च
‘Brothers’ सिर्फ फाइट की कहानी नहीं थी
11 साल बाद पीछे मुड़कर देखें तो ‘Brothers’ को सिर्फ एक एक्शन फिल्म कहना सही नहीं होगा। यह एक टूटे हुए परिवार और दो भाइयों के बीच रिश्ते की कहानी थी, जिसे MMA के बैकड्रॉप में पेश किया गया।
फिल्म शायद हर दर्शक की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी न उतरी हो, लेकिन इसमें कलाकारों की मेहनत और एक्शन सीक्वेंस की अपनी जगह रही। अक्षय कुमार और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अपने किरदारों के लिए जिस तरह तैयारी की, वह फिल्म में साफ दिखाई देती है।
आज भी जब ‘Brothers’ का नाम आता है, तो सबसे पहले रिंग में आमने-सामने खड़े दो भाइयों की तस्वीर याद आती है। यही इस फिल्म की सबसे बड़ी पहचान है।
11 साल बाद भी ‘Brothers’ यही याद दिलाती है कि कई बार जिंदगी की सबसे बड़ी लड़ाई किसी दुश्मन से नहीं, बल्कि अपने ही रिश्तों और पुराने दर्द से होती है।
