EPS-95 पेंशनर्स की मांगों को लेकर 5 अगस्त को जंतर-मंतर मार्च

EPS-95 पेंशनर्स की मांगों को लेकर 5 अगस्त को जंतर-मंतर मार्च

राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत पेंशनर्स ने ₹7,500 न्यूनतम पेंशन, डीए, मुफ्त चिकित्सा सुविधा और उच्च पेंशन को तत्काल लागू करने की मांग रखी

नई दिल्ली: देश के EPS-95 पेंशनर्स अपनी मांगों के समर्थन में 5 अगस्त 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने प्रेस वार्ता कर आंदोलन की रूपरेखा साझा की।

समिति के अनुसार लंबे समय से सरकार के समक्ष ज्ञापन, संवाद और शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से न्यूनतम ₹7,500 मासिक पेंशन, महंगाई भत्ता, पेंशनर दंपतियों के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधा और पात्र पेंशनर्स को उच्च पेंशन देने की मांग रखी जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।

राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राऊत ने कहा कि लगभग 81 लाख पेंशनर्स पिछले एक दशक से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं। उन्होंने सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि लगातार देरी से पेंशनर्स में असंतोष बढ़ रहा है।

कमांडर अशोक राऊत ने बताया कि 1 जुलाई 2026 को कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि यदि सरकार EPS-95 पेंशन बढ़ाने की घोषणा नहीं करती, तो 5 अगस्त को जंतर-मंतर पर देशभर के पेंशनर्स प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में औसतन ₹1,171 प्रतिमाह पेंशन पर जीवनयापन कर रहे लाखों वरिष्ठ नागरिक लगातार बढ़ती महंगाई और स्वास्थ्य खर्च के कारण गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वर्षों पहले तय की गई ₹1,000 की न्यूनतम पेंशन अब वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है। समिति के अनुसार, निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद ₹7,500 मासिक पेंशन, महंगाई भत्ता और सम्मानजनक सामाजिक सुरक्षा मिलना उनका वैधानिक अधिकार है।

महंगाई के कारण घट रही पेंशन की वास्तविक कीमत

EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति का कहना है कि पेंशन तय होने के बाद उसमें नियमित संशोधन या महंगाई भत्ते (DA) के अनुरूप वृद्धि का कोई प्रभावी प्रावधान नहीं है। इसके कारण समय के साथ पेंशन की वास्तविक क्रय-शक्ति लगातार कम होती गई है। समिति का मानना है कि यदि पेंशनर्स को महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाए, तो उनकी आय बढ़ती महंगाई के अनुरूप बनी रह सकेगी।

मुफ्त चिकित्सा सुविधा की भी उठी मांग

राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राऊत ने कहा कि बड़ी संख्या में EPS-95 पेंशनर्स और उनके जीवनसाथी गंभीर बीमारियों एवं महंगे इलाज के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेंशनर दंपतियों के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधा सामाजिक सुरक्षा का अनिवार्य हिस्सा होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बावजूद उच्च पेंशन नहीं

समिति ने आरोप लगाया कि 4 अक्टूबर 2016 और 4 नवंबर 2022 को आए सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के बावजूद कई पात्र पेंशनर्स अब भी उच्च पेंशन से वंचित हैं। समिति ने सरकार से न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जल्द लाभ देने की मांग की।

समिति के अनुसार प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, श्रम एवं रोजगार मंत्री, सांसदों और वरिष्ठ अधिकारियों को वर्षों से ज्ञापन दिए जा रहे हैं। साथ ही पेंशन वृद्धि के लिए वित्तीय संसाधनों और संभावित विकल्पों पर विस्तृत प्रस्ताव भी सरकार को सौंपे गए हैं।

कोश्यारी समिति की सिफारिशों का भी हवाला

समिति ने कहा कि कोश्यारी समिति और संसद की स्थायी समिति भी EPS-95 पेंशन में सुधार और वृद्धि की सिफारिश कर चुकी हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने कहा कि यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो देशभर के EPFO कार्यालयों पर तालाबंदी, जेल भरो आंदोलन, आमरण अनशन और अन्य चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किए जाएंगे। प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत, मुख्य समन्वयक रमाकांत नरगुंड सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *