नई कैबिनेट गठन के बाद कर्नाटक कांग्रेस में पड़ी दरार, मंत्री बने Ramalinga Reddy ने दिया इस्तीफा

नई कैबिनेट गठन के बाद कर्नाटक कांग्रेस में पड़ी दरार, मंत्री बने Ramalinga Reddy ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली: कर्नाटक में नई कांग्रेस सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री D. K. Shivakumar के नेतृत्व में कैबिनेट गठन और विभागों के बंटवारे के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता Ramalinga Raddy ने अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

माना जा रहा है कि विभागों के बंटवारे को लेकर नाराजगी इस फैसले की मुख्य वजह है। रेड्डी लंबे समय से बेंगलुरु से जुड़े अहम विभाग की जिम्मेदारी चाहते थे, लेकिन उन्हें उम्मीद के मुताबिक विभाग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने नाराजगी जताते हुए इस्तीफा देने का फैसला किया।

सरकार बनाने के बाद शुरू हुआ विवाद

D. K. Shivakumar के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने नई कैबिनेट का गठन किया और मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किया। हालांकि विभागों की घोषणा होते ही कई नेताओं के बीच असंतोष की चर्चा शुरू हो गई थी।

इसी बीच Ramalinga Raddy का इस्तीफा सामने आने से यह स्पष्ट हो गया कि नई सरकार के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार बनने के शुरुआती दौर में ही इस तरह का घटनाक्रम नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकता है।

Minister Ramalinga Reddy resigns

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं रेड्डी

रामलिंगा रेड्डी कर्नाटक कांग्रेस के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं और बेंगलुरु की राजनीति में उनका प्रभाव माना जाता है। लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठन में सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें नई सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद थी।

सूत्रों के अनुसार, विभागों के बंटवारे के दौरान उनकी प्राथमिकता बेंगलुरु के विकास से जुड़े विभाग को लेकर थी। लेकिन अंतिम सूची में उन्हें अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं मिली, जिससे वे नाराज हो गए।

कांग्रेस के भीतर बढ़ सकती है मुश्किल

रेड्डी का इस्तीफा केवल एक मंत्री की नाराजगी भर नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे पार्टी के भीतर चल रही खींचतान के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। कांग्रेस लंबे समय से विभिन्न गुटों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती रही है और नई सरकार के गठन के बाद भी यह चुनौती बनी हुई है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि असंतुष्ट नेताओं को जल्द संतुष्ट नहीं किया गया तो सरकार के शुरुआती दिनों में ही संगठनात्मक दबाव बढ़ सकता है।

Minister Ramalinga Reddy resigns

हाईकमान की नजर

घटनाक्रम के बाद पार्टी नेतृत्व स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि पार्टी रेड्डी को मनाने का प्रयास कर सकती है ताकि विवाद ज्यादा न बढ़े।

हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि रामलिंगा रेड्डी अपना इस्तीफा वापस लेंगे या अपने फैसले पर कायम रहेंगे।

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शुरुआती चुनौती बन सकता है मामला

नई सरकार के लिए यह घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। आमतौर पर किसी भी नई सरकार से स्थिरता और एकजुटता की उम्मीद की जाती है, लेकिन सरकार गठन के तुरंत बाद सामने आया यह विवाद विपक्ष को भी सरकार पर सवाल उठाने का मौका दे सकता है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री D. K. Shivakumar और कांग्रेस नेतृत्व इस असंतोष को किस तरह संभालते हैं और क्या पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी को समय रहते शांत किया जा सकेगा।

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