नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शमिल “Lagaan” को आज रिलीज हुए 25 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन आज भी इस फिल्म से जुड़े किस्से जर्शकों को उतना ही आकर्षित करते हैं। हाल ही में फिल्म में अहम भूमिका निभाने वाले अभिनेता दयाशंकर पांडे ने शूटिंग के दौरान के दिलचस्प अनुभव साझा किए, जिनसे फिल्म के पीछे की मेहनत और समर्पण की झलक देखने को मिली।
दयाशंकर पांडे जिन्होंने फिल्म में ‘गुरु’ का किरदार निभाया, उन्होंने बताया कि “Lagaan” की शूटिंग लगातार करीब 6 महीने तक चली थी। इस दौरान पूरी टीम ने कठिन परिस्थितियों में काम किया और फिल्म को सफल बनाने के लिए सभी कलाकार औक तकनीकी सदस्य पूरी तरह समर्पित रहे।
आमिर ने कहा था ये फिल्म नहीं चलेगी
आमिर खान शुरू में लगान फिल्म करने को तैयार नहीं थे। जब आशुतोष गोवारिकर ने उन्हें स्क्रिप्ट सुनाई तो आमिर ने इसे ‘बुरी कहानी’ बताकर मना कर दिया था।
मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने भी उन्हें फिल्म न करने की सलाह दी थी। उनका कहना था कि धोती वाले हीरो अब नहीं चलेंगे, पीरियड ड्रामा आउटडेटेड हो चुके हैं और क्रिकेट सिनेमाघरों में नहीं चलेगा।
लेकिन आशुतोष गोवारिकर हार मानने वाले नहीं थे। उन्होंने लगभग 6 से 8 महीने तक आमिर को बार-बार समझाया और स्क्रिप्ट में कई जरूरी बदलाव किए। अंत में उनकी मेहनत रंग लाई और आमिर खान इस फिल्म को करने के लिए तैयार हो गए।

दिलचस्प बात यह है कि लगान को स्वीकार करने के बाद ही आमिर खान ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी आमिर खान प्रोडक्शंस की शुरुआत की थी। इस फिल्म ने न सिर्फ आमिर को एक नया मुकाम दिया, बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में भी अपनी खास जगह बनाई।
भीषण गर्मी में हुई थी शूटिंग
अभिनेता के अनुसार फिल्म की शूटिंग गुजरात के भुज क्षेत्र में की गई थी, जहां उस समय तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच जाता था। इसके बावजूद कलाकार और क्रू सुबह से शाम तक लगातार शूटिंग करते थे।
उन्होंने बताया कि उस दौर में आज जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। पूरी टीम लंबे समय तक एक परिवार की तरह साथ रही और सभी ने फिल्म को बेहतर बनाने के लिए हर चुनौती का सामना किया।
आमिर खान को बताया “गॉड ब्रदर”
दयाशंकर पांडे ने बातचीत के दौरान एक्टर और निर्माता आमिर खान की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान आमिर खान हर कलाकार का विशेष ध्यान रखते थे और टीम का मनोबल हमेशा ऊंचा बनाए रखते थे।
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि आमिर खान उनके लिए बड़े भाई जैसे रहे हैं और इसी वजह से वह उन्हें अपना “गॉड ब्रदर” मानते हैं। उनके अनुसार आमिर ने नए कलाकारों को आत्मविश्वास देने और उन्हें सहज महसूस कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ऑस्कर तक पहुंची थी फिल्म
वर्ष 2001 में रिलीज हुई “Lagaan” को देश और विदेश दोनों जगहों पर जबरदस्त सराहना मिली थी। फिल्म को ऑस्कर अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ ‘विदेशी भाषा फिल्म’ श्रेणी के लिए नामांकन भी मिला था, जो उस समय भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी उपलब्धि मानी गई थी।
ग्रामीण भारत की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म ने क्रिकेट, संघर्ष और आत्मसम्मान की कहानी के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
फिल्म के गानों की खासियत
Lagaan के गाने सिर्फ गाने नहीं, बल्कि फिल्म की आत्मा थे। A.R. रहमान की कंपोजिशन और जावेद अख्तर के बोल आज भी अनुपम हैं-
- घनन घनन: बारिश की खुशी और किसानों की उम्मीद को बखूबी दिखाता है। इस गाने की धुन आज भी बारिश के मौसम में गूंजती है।
- राधा कैसे न जले: फिल्म का सबसे मशहूर और मजेदार गाना है। आमिर और ग्रेस की केमिस्ट्री इस गाने में कमाल की थी।
- मितवा: भावुक और गहरी दोस्ती का गाना।
- चले चले: फिल्म का सबसे प्रेरणादायक गाना, जो टीम की एकजुटता और संघर्ष को दर्शाता है।

इन गानों की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि ये पूरी तरह लोक संगीत पर आधारित थे, लेकिन आधुनिक टच के साथ बनाए गए थे।
आज भी प्रेरणा देती है लगान
फिल्म से जुड़े कलाकारों का मानना है कि “Lagaan” केवल एक मनोरंजक फिल्म नहीं थी, बल्कि यह मेहनत, एकजुटता और संघर्ष की मिसाल भी है। यही वजह है कि रिलीज के 25 साल बाद भी यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है और नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी उतनी ही लोकप्रिय बनी हुई है।
