सीजन 4 के क्लाइमैक्स ने बढ़ाई सीजन 5 की उत्सुकता, फुलेरा की राजनीति और सचिव जी के फैसले में आएगा बड़ा ट्विस्ट
25 जून 2025, नई दिल्ली
अमेज़न प्राइम वीडियो की सुपरहिट वेब सीरीज़ ‘पंचायत’ एक बार फिर दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है। 24 जून को रिलीज़ हुए चौथे सीजन ने दर्शकों को जहां गांव की राजनीति में उलझा दिया, वहीं इसके इमोशनल क्लाइमैक्स ने सीजन 5 को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं।
हालांकि, सीजन 4 को लेकर दर्शकों की राय थोड़ी बंटी हुई रही। शो की शुरुआत से ही जहां ग्रामीण जीवन की विविध झलकियां इसकी पहचान रही हैं, वहीं इस बार की कहानी पूरी तरह राजनीतिक उठा-पटक पर केंद्रित रही। फिर भी, अंत में आए भावनात्मक मोड़ और संकेतों ने ये साफ कर दिया कि ‘पंचायत सीजन 5’ पहले से कहीं ज्यादा दिलचस्प और ड्रामेटिक होने वाला है।
सीजन 4 के अंतिम एपिसोड में फुलेरा पंचायत की सत्ता पूरी तरह बदल जाती है। बनराकस की पत्नी क्रांति देवी साम-दाम-दंड-भेद अपनाकर नई प्रधान बन जाती हैं और मंजू देवी का नाम ऑफिस की दीवार से हट जाता है। वहीं दूसरी ओर, सचिव जी अभिषेक त्रिपाठी ने CAT परीक्षा में 97% अंक हासिल कर लिए हैं — जो उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। अभिषेक और रिंकी एक-दूसरे से अपने मन की बात कह चुके हैं, लेकिन अब सवाल ये है: क्या अभिषेक अपने करियर के लिए फुलेरा छोड़ देंगे?
पंचायत के आने वाले सीजन में कई संभावित ट्विस्ट दर्शकों को देखने को मिल सकते हैं। सबसे बड़ा इमोशनल ड्रामा यही हो सकता है कि क्या अभिषेक MBA के लिए गांव छोड़ देंगे, या रिंकी के लिए रुकने का फैसला करेंगे? इसी के इर्द-गिर्द शो की मुख्य कहानी घूमने की संभावना है।
इसके अलावा, दर्शकों को मंजू देवी और प्रधान जी की वापसी की उम्मीद है, जो क्रांति देवी के खिलाफ नया मोर्चा खोल सकते हैं। वहीं, उप-प्रधान प्रहलाद चा का किरदार इस बार अपेक्षाकृत सीमित रहा, लेकिन फैंस चाहते हैं कि उन्हें सीजन 5 में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका दी जाए।
यह भी पढ़ें : ट्रंप की अपील पर फिर उठा युद्धविराम का मुद्दा: इजरायल-ईरान के बीच शांति की उम्मीद
एक और दिलचस्प एंगल विकास और खुशबू की संभावित लव स्टोरी का भी हो सकता है, जिससे शो को एक नया रोमांटिक ट्विस्ट मिल सकता है। साथ ही, दर्शकों की यह भी अपेक्षा है कि आने वाले एपिसोड्स में गांव की जिंदगी, रिश्तों और संघर्षों को उसी संवेदनशीलता के साथ दिखाया जाएगा, जो इस शो की असली पहचान रही है।
‘पंचायत’ हमेशा से राजनीति और भावनाओं के बीच की महीन रेखा को खूबसूरती से दर्शाता आया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सीजन 5 में क्या सचिव जी फुलेरा को अलविदा कहेंगे या प्यार और कर्तव्य के बीच कोई नया रास्ता चुनेंगे। एक बात तय है — दर्शकों को फिर से एक भावनात्मक सफर के लिए तैयार रहना होगा।
यह भी पढ़ें : बिहार की भूमि भारत की दार्शनिक नींव का जन्मस्थल-उपराष्ट्रपति

