उप-शीर्षक: दिल्ली में GRAP-II लागू होते ही बढ़ी दरें, 102 पार्किंग स्थलों पर अब निजी वाहन चालकों को देना होगा दोगुना शुल्क।
राजधानी में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता के कारण दिल्ली के कम्यूटर्स (यात्रियों) को अब एक और बड़ा झटका लगा है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा में अपने अधिकांश पार्किंग स्थलों पर शुल्क को दोगुना कर दिया है। यह फैसला ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-II को लागू करने के बाद लिया गया है, जो राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण सक्रिय हुआ है। NDMC का यह कदम साफ संदेश देता है कि अब निजी वाहन का इस्तेमाल करना आपकी जेब पर पहले से कहीं ज़्यादा भारी पड़ेगा।
खतरे की घंटी: 302 AQI छूते ही लागू हुआ GRAP-II
पार्किंग शुल्क में इस भारी बढ़ोतरी का कारण सीधे तौर पर दिल्ली की जहरीली हवा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने यह निर्देश तब जारी किया, जब शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) मंगलवार शाम 7 बजे 302 को छू गया, जिससे दिल्ली की हवा ‘बेहद खराब’ (Very Poor) श्रेणी में चली गई। CAQM ने तत्काल प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में GRAP के चरण-II के उपायों को लागू करने का आदेश दिया।
इस कठोर शुल्क वृद्धि के पीछे का मुख्य उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों का उपयोग कम करने और सार्वजनिक परिवहन की ओर स्विच करने के लिए प्रेरित करना है। एक वरिष्ठ NDMC अधिकारी ने बताया, “CAQM द्वारा जारी आदेश के अनुपालन में, NDMC द्वारा प्रबंधित पार्किंग (ऑफ-रोड/इनडोर) की फीस को मौजूदा दरों से दोगुना कर दिया गया है। यह वृद्धि 29 अक्टूबर से GRAP के चरण-II के निरस्त होने तक लागू रहेगी।” इसका मतलब है कि जब तक हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, यह बढ़ी हुई दरें दिल्ली के वाहन चालकों के लिए एक महंगा सबक बनी रहेंगी।
आसमान छूती पार्किंग दरें: एक नज़र
NDMC अपने अधिकार क्षेत्र में कुल 126 पार्किंग स्थलों का प्रबंधन करती है, जिनमें 99 ऑफ-रोड, तीन इनडोर/मल्टी-लेवल कार पार्क और 24 ऑन-स्ट्रीट साइट्स शामिल हैं। शुल्क वृद्धि के बाद कुल 102 पार्किंग स्थल प्रभावित होंगे, जो रोज़ाना हज़ारों लोगों द्वारा उपयोग किए जाते हैं।
नई दरें आम नागरिक की जेब पर भारी पड़ेंगी:
- चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क ₹20 प्रति घंटे से बढ़कर ₹40 प्रति घंटे हो गया है।
- दो पहिया वाहनों के लिए भी शुल्क दोगुना होकर ₹20 प्रति घंटे कर दिया गया है।
- सबसे बड़ी वृद्धि व्यावसायिक वाहनों के लिए है: बस पार्किंग शुल्क ₹150 से बढ़कर सीधे ₹300 प्रति घंटे कर दिया गया है।
यह फीस वृद्धि सिर्फ एक वित्तीय बदलाव नहीं है, बल्कि यह इस बात पर ज़ोर देती है कि पर्यावरण को प्रदूषित करने की कीमत अब हर नागरिक को चुकानी होगी।
किसे मिली छूट?
NDMC ने स्पष्ट किया है कि कुछ श्रेणियों को इस दोहरे शुल्क से बाहर रखा गया है, जो थोड़ी राहत की बात है:
- ऑन-स्ट्रीट पार्किंग स्थलों पर यह वृद्धि लागू नहीं होगी, क्योंकि इन जगहों पर शुल्क पहले से ही अधिक रखा जाता है ताकि लंबे समय तक पार्किंग को हतोत्साहित किया जा सके।
- मासिक पास धारकों को भी शुल्क वृद्धि से बाहर रखा गया है, जिससे नियमित कम्यूटर्स को कुछ आर्थिक स्थिरता मिल सके।
हालांकि, ऑफ-रोड और इनडोर पार्किंग स्थलों की भारी संख्या को देखते हुए, NDMC क्षेत्र के अधिकांश चालक इस दोहरी मार को महसूस करेंगे। यह घटना स्पष्ट करती है कि पर्यावरणीय संकट का सीधा आर्थिक प्रभाव आम जनता पर पड़ता है। NDMC का यह कड़ा कदम दिल्ली के हर ड्राइवर को यह सोचने पर मजबूर करेगा: क्या आज निजी गाड़ी से जाना ज़रूरी है? क्या यह सुविधा, जो हवा को खराब करती है, इस बढ़े हुए खर्च के लायक है? उम्मीद है कि कई लोगों के लिए अब इसका जवाब ‘नहीं’ होगा, जिससे दिल्ली की सड़कों और हवा को थोड़ी राहत मिल सकेगी।

