तकनीक के सहारे सड़क सुरक्षा में राजस्थान की बड़ी पहल, केंद्रीय समीक्षा बैठक में पेश किया सख्त प्रवर्तन मॉडल

तकनीक के सहारे सड़क सुरक्षा में राजस्थान की बड़ी पहल, केंद्रीय समीक्षा बैठक में पेश किया सख्त प्रवर्तन मॉडल

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने ई-प्रवर्तन, पारदर्शी सेवाओं और नागरिक सुरक्षा पर आधारित राजस्थान मॉडल प्रस्तुत किया।

नई दिल्ली, 8 जनवरी 2026 —
राजस्थान सरकार ने सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए तकनीक आधारित सख्त प्रवर्तन मॉडल को लागू किया है। यह जानकारी राजस्थान के उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की दो दिवसीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के समापन अवसर पर दी।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डॉ. बैरवा ने राज्य में सड़क सुरक्षा, ई-गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं से जुड़े नवाचारों की विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 150 से अधिक टोल नाकों पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू किया गया है, जिसके माध्यम से बिना परमिट, फिटनेस, टैक्स और पीयूसी के चल रहे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस प्रणाली से अब तक लाखों चालान जारी हुए हैं, जिनसे लगभग 500 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि वसूलनीय है।

उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए ऑटोमेटेड चालान सिस्टम विकसित किया जा रहा है तथा फास्टैग से जुर्माना वसूली को जोड़ने पर भी विचार चल रहा है। खनिज विभाग के ई-रवन्ना को ई-चालान प्रणाली से जोड़ दिया गया है, जिससे ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

नागरिकों को सरल और पारदर्शी सेवाएँ देने के उद्देश्य से सभी परिवहन सेवाएँ अब केवल सिटीजन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं और कार्यालयों में प्रत्यक्ष प्रवेश व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। वाहन पंजीकरण और लाइसेंसिंग में डुप्लीकेशन लगभग खत्म कर दिया गया है। साथ ही, 25 ड्राइविंग ट्रैकों को सीएसआर के तहत ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक में बदला जा रहा है, जिनमें से 8 पूरी तरह स्वचालित हो चुके हैं।

तकनीक के सहारे सड़क सुरक्षा में राजस्थान की बड़ी पहल, केंद्रीय समीक्षा बैठक में पेश किया सख्त प्रवर्तन मॉडल

डॉ. बैरवा ने बताया कि विभाग में नकद लेन-देन पूरी तरह बंद कर दिया गया है और अब चालान भुगतान केवल कार्ड और यूपीआई से ही स्वीकार किए जा रहे हैं। फर्जी पते पर पंजीकरण रोकने के लिए रजिस्टर्ड किरायानामा अनिवार्य किया गया है।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत प्रदेश के सभी 41 जिलों में प्रतिदिन सड़क सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और त्वरित प्रतिक्रिया से जुड़े अभियानों के माध्यम से एक माह में दो करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना के अंतर्गत अब तक 215 गुड सेमेरिटन को सम्मानित किया जा चुका है, जबकि मुख्यमंत्री आयुष्मान सड़क सुरक्षा योजना के तहत 72 घंटे तक निःशुल्क इलाज से 30,000 से अधिक दुर्घटना पीड़ितों को लाभ मिला है।

बैठक में ई-डार पोर्टल, सड़क सुरक्षा मित्र कार्यक्रम और जीरो-फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम की प्रगति पर भी चर्चा हुई। डॉ. बैरवा ने कहा कि इन सभी पहलों का उद्देश्य राजस्थान को सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाना है।

इस अवसर पर राजस्थान परिवहन विभाग के आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा और विशिष्ट सहायक भगवत सिंह भी उपस्थित रहे।

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