अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेंटानिल की सप्लाई पर जताई नाराज़गी, 1 अगस्त से टैरिफ लागू; कनाडा की डेयरी नीति पर भी जताया विरोध
11 जुलाई 2025, नई दिल्ली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ बड़ा आर्थिक फैसला लेते हुए 1 अगस्त 2025 से वहां से आने वाले उत्पादों पर 35% आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने यह कदम “राष्ट्र की सुरक्षा” और “अमेरिकी हितों की रक्षा” के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कनाडा की कथित जवाबी कार्रवाई और अनुचित व्यापार व्यवहार को भी इसका कारण बताया।
ट्रंप ने इस टैरिफ निर्णय के पीछे एक बड़ा कारण अमेरिका में तेजी से फैलते फेंटानिल संकट को बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा अमेरिका में घातक ड्रग्स की आपूर्ति को रोकने में विफल रहा है। “यह सिर्फ एक व्यापारिक मुद्दा नहीं है, बल्कि हमारे नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा राष्ट्रीय संकट है,” ट्रंप ने अपने बयान में कहा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया कि यदि कनाडा की कंपनियां इस टैरिफ से बचने के लिए किसी तीसरे देश के जरिए उत्पाद भेजने की कोशिश करती हैं, तो उन पर भी समान दर से टैरिफ लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रयासों को अमेरिका की वित्तीय एजेंसियां निगरानी में रखेंगी।
ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी दी कि यदि उसने भी बदले में अमेरिकी सामान पर टैरिफ बढ़ाया, तो अमेरिका और कड़े शुल्क लगाएगा। “अगर आप हमारे टैरिफ का जवाब टैरिफ से देंगे, तो हम उस अतिरिक्त प्रतिशत को भी जोड़ देंगे,” उन्होंने कहा।
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कनाडा की डेयरी नीति पर हमला बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि कनाडा अमेरिकी डेयरी उत्पादों पर 400% तक आयात शुल्क लगाता है, जिससे अमेरिकी किसानों को भारी नुकसान होता है। “हमारे किसान वहां दूध और अन्य उत्पाद नहीं बेच सकते, जबकि कनाडा से हमारे देश में सामान भारी टैक्स के साथ आता है,” ट्रंप ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
हालांकि ट्रंप ने इस पूरे विवाद के बीच कनाडा की कंपनियों को एक विकल्प भी सुझाया। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाना चाहती हैं, उन्हें “सभी जरूरी अनुमतियां कुछ ही हफ्तों में” दे दी जाएंगी। यह अमेरिकी बाजार में निवेश का एक सुनहरा अवसर होगा।
इस फैसले के बाद उत्तर अमेरिकी व्यापार संबंधों में तनाव और बढ़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध छिड़ता है, तो इसका असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और निवेश माहौल पर भी पड़ेगा।
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