केयू में कल से शुरू होगा तीन दिवसीय एग्रीटेक एक्सपो और स्टार्टअप कॉन्क्लेव

केयू में कल से शुरू होगा तीन दिवसीय एग्रीटेक एक्सपो और स्टार्टअप कॉन्क्लेव

नवीन अवसर कुशल समृद्ध एवं नया भारत कार्यक्रम के तहत किसानों को दी जाएगी आधुनिक तकनीकों की जानकारी

कुरुक्षेत्र, 8 मई 2025।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रांगण में ‘नवीन अवसर, कुशल समृद्ध एवं नया भारत’ कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जाने वाला एग्रीटेक एक्सपो और स्टार्टअप कॉन्क्लेव कल से शुरू होगा। सांसद नवीन जिन्दल के कार्यालय प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाकर विकसित भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से सांसद नवीन जिन्दल की पहल पर केयू ऑडिटोरियम प्रांगण में 9 से 11 मई तक यह किसान मेला आयोजित किया जाएगा। नवीन जिंदल फाउंडेशन एवं इरमा आईसीड के सहयोग से लगने वाले इस मेले को लेकर किसानों में भारी उत्साह है।

मेले में सांसद नवीन जिन्दल व कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। इस अवसर पर किसान नवीनतम कृषि तकनीकों, आधुनिक उपकरणों, जैविक खेती, स्टार्टअप संभावनाओं और कृषि आधारित व्यवसायों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। धर्मवीर सिंह ने बताया कि सांसद नवीन जिन्दल की इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों की आमदनी को तीन गुना बढ़ाना और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलना है।

मेले में खेती-किसानी से जुड़ी तमाम नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इसमें प्राकृतिक खेती, पीएम एफएमई योजना, कीटनाशक उपयोग एवं जैविक नियंत्रण, एफपीओ योजनाएं, गो टू मार्केट रणनीति, ऋण एवं सब्सिडी योजनाएं, डेयरी उद्योग से जुड़ी समस्याएं, बीज, लाइसेंस, डीलरशिप, निर्यात एवं लाइसेंस मार्गदर्शन, और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के उपयोग से संबंधित सत्र शामिल होंगे।

इस किसान मेले में प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा और उनकी सफलता की कहानियों को मंच पर साझा किया जाएगा। धर्मवीर सिंह ने किसानों से आह्वान किया कि वे इस मेले में भाग लेकर आधुनिक कृषि के क्षेत्र में हो रहे इस बड़े बदलाव में सहयोग और समर्थन दें।

सांसद नवीन जिन्दल के मीडिया सलाहकार डॉ. राज कुमार ने बताया कि इस अवसर पर महिंद्रा ट्रैक्टर की ओर से किसान मेले के प्रचार-प्रसार हेतु सौ ट्रैक्टरों की रैली निकाली जाएगी। इस ट्रैक्टर रैली को सांसद नवीन जिन्दल हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, ताकि पूरे कुरुक्षेत्र और आसपास के गांवों में किसान मेले का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित हो सके।

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