जनसेवा आधारित राष्ट्रीय ढांचे और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण पर हुई विस्तार से चर्चा
नई दिल्ली, 14 जुलाई 2025
हाल ही में घोषित राष्ट्रीय पुनर्गठन के तहत, पीपल फोरम ऑफ इंडिया ने आज सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री माननीय श्री हर्ष मल्होत्रा से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय भेंट में संगठन की नई रणनीति और प्रशासनिक संरचना को लेकर संवाद हुआ, जिसमें स्थानीय स्तर पर सेवा और सुशासन को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पीपल फोरम ऑफ इंडिया के नव-नियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मुख्यालय प्रशासन प्रभारी डॉ. भार्गव मल्लप्पा और राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस. मणिमोझ्यान ने किया। मुलाकात में मंत्री को संगठन की तीन चरणों में लागू होने वाली नई नियुक्ति योजना की जानकारी दी गई, जिसमें राष्ट्रीय से लेकर तालुका स्तर तक नई टीमों का गठन शामिल है।
जनसेवा के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने योगदान के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. मल्लप्पा ने इस दौरान मंत्री महोदय को बेंगलुरु आने और फोरम के जमीनी कार्यकर्ताओं से संवाद करने के लिए आमंत्रित भी किया। मंत्री ने इस पहल की सराहना की और संगठन को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा:
“पीपल फोरम ऑफ इंडिया द्वारा जनसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। मैं डॉ. भार्गव मल्लप्पा और डॉ. मणिमोझ्यान को विश्वास दिलाता हूं कि नागरिक कल्याण और लोकतांत्रिक सहभागिता को मजबूत करने के उनके हर प्रयास में मेरा पूरा सहयोग रहेगा।”
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने कहा:
“यह पीपल फोरम ऑफ इंडिया के लिए एक निर्णायक क्षण है। हम तकनीक-सक्षम और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था तैयार कर रहे हैं, जिससे योजनाएं वास्तव में आम लोगों तक पहुंच सकें। आज मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा से हुई मुलाकात इस बात को रेखांकित करती है कि सरकार और सिविल सोसायटी के बीच सहयोग लोकतंत्र को मजबूती देने के लिए कितना जरूरी है।”
फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस. मणिमोझ्यान, जो तीन दशक से संगठन से जुड़े हैं, ने कहा:
“माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘सेवा’ को राष्ट्रीय महत्व मिला है। पीपल फोरम ऑफ इंडिया अपने मूल मंत्र ‘जनसेवा ही ईश्वर सेवा है’ के प्रति प्रतिबद्ध है। आज मंत्री से हमारी यह बैठक इस दिशा में हमारी प्रतिबद्धता और सहयोग की भावना को दर्शाती है, ताकि लोकतांत्रिक मूल्य जमीनी स्तर तक मजबूती से पहुंचें।”

