एयर इंडिया विमान हादसे के बाद सतर्क हुए यात्री, देशभर में सुरक्षा को लेकर बढ़ी मांग

एयर इंडिया विमान हादसे के बाद सतर्क हुए यात्री, देशभर में सुरक्षा को लेकर बढ़ी मांग

अहमदाबाद हादसे के बाद 41% लोग टिकट बुकिंग से पहले विमान का मॉडल जांचने लगे, बोइंग 787-8 पर रोक की भी उठी मांग

19 जून 2025, नई दिल्ली

अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे, जिसमें 242 यात्रियों में से 241 की मौत हो गई, के बाद पूरे देश में हवाई यात्रा को लेकर चिंता और सतर्कता बढ़ गई है। यह हादसा हाल के वर्षों में भारत के सबसे भीषण विमान दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है और इसने आम यात्रियों की मनोस्थिति पर गहरा असर डाला है।

इस घटना के बाद LocalCircles द्वारा कराए गए एक सर्वे में यात्रियों के व्यवहार में बड़ा बदलाव सामने आया है। सर्वे के अनुसार, अब 41% यात्री टिकट बुक करने से पहले विमान का मॉडल चेक करते हैं, जबकि 2022 में यह आंकड़ा केवल 10% था। यह स्पष्ट करता है कि हादसे ने सुरक्षा को लेकर यात्रियों में गंभीर चिंता पैदा की है।

सबसे अधिक चिंता बोइंग 787-8 विमान को लेकर देखी जा रही है, जो इस हादसे में शामिल था। बड़ी संख्या में यात्री इस विमान मॉडल के संचालन पर अस्थायी रोक की मांग कर रहे हैं, जब तक कि इसकी सभी तकनीकी खामियों की जांच पूरी न हो जाए। सर्वे में 56% प्रतिभागियों ने कहा कि सरकार को बोइंग 787-8 विमानों की उड़ानों को रोक देना चाहिए, जबकि 34% लोगों का मानना है कि रोक केवल तब लगे जब ठोस तकनीकी खामियाँ सामने आएं।

सर्वे में यह भी सामने आया कि टिकट बुकिंग से पहले भारतीय यात्री अब किन बातों को प्राथमिकता देते हैं:

  • 73% लोग किराए की तुलना करते हैं
  • 64% एयरलाइन की विश्वसनीयता पर ध्यान देते हैं
  • 59% उड़ान के समय को महत्व देते हैं
  • 41% अब विमान मॉडल की जांच करते हैं
  • 5% लोगों ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया

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उड्डयन विशेषज्ञों का मानना है कि डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) को तत्काल सभी 33 बोइंग 787-8 विमानों की विस्तृत जांच करनी चाहिए। इसके अलावा, इन विमानों के पिछले रखरखाव रिकॉर्ड की समीक्षा भी जरूरी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे उड़ान के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं।

जब तक यह पूरी तरह से पारदर्शी और तकनीकी जांच नहीं हो जाती, तब तक यात्रियों का भरोसा दोबारा जीतना चुनौतीपूर्ण रहेगा। फिलहाल, प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा चिंता को दूर करने और हवाई यात्रा में फिर से विश्वास बहाल करने की है।

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