रायपुर: टाटा सिएरा ईवी की बिक्री को लेकर रायपुर में एक ग्राहक ने कंपनी पर सवाल उठाए हैं। ग्राहक हरीश कुमार अग्रवाल के अनुसार, उन्हें नई कार की डिलीवरी दी जानी थी, लेकिन वाहन की जांच के दौरान उस पर पहले से नुकसान के निशान मिले और ओडोमीटर करीब 900 किलोमीटर की दूरी दिखा रहा था। बाद में कार महज 80 किलोमीटर चलने के बाद बंद हो गई।
जानकारी के मुताबिक, हरीश कुमार अग्रवाल ने 8 अगस्त 2026 को टाटा सिएरा ईवी प्योर एस63 बुक की थी। 14 अगस्त को कार का निरीक्षण करने पर उन्हें छत, साइड पैनल, बोनट और डोर हैंडल पर खरोंचें दिखाई दीं। ओडोमीटर की रीडिंग भी 900 किलोमीटर के आसपास थी। इसके बाद उन्होंने वाहन लेने से इनकार कर दिया और डिलीवरी से जुड़े कागजातों पर हस्ताक्षर नहीं किए।
ग्राहक का दावा है कि उन्होंने बाद में वाहन की जांच और सुधार के लिए कंपनी के साथ सहयोग किया। 30 अगस्त को विशाखापत्तनम से रायपुर लौटते समय करीब 80 किलोमीटर बाद कार में ओवरहीटिंग की चेतावनी आई और वाहन बंद हो गया। रोडसाइड असिस्टेंस के निर्देश पर इसे टो कर टाटा मोटर्स सेंटर भेजा गया।
अग्रवाल के अनुसार, तीन दिन बाद कंपनी की ओर से बताया गया कि समस्या सॉफ्टवेयर से जुड़ी थी और उसे ठीक कर दिया गया है। हालांकि, ग्राहक ने बैटरी, मोटर और कूलिंग सिस्टम की लिखित तकनीकी रिपोर्ट मांगी, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें रिपोर्ट नहीं मिली।
मामले में करीब 29 लाख रुपये का लेन-देन बताया गया है। इसमें ग्राहक की पुरानी कार की 7 लाख रुपये की एक्सचेंज वैल्यू भी शामिल है। ग्राहक ने नई कार या पूरी रकम वापस करने के साथ टोइंग और यात्रा के दौरान हुई परेशानी के लिए मुआवजे की मांग की है। उन्होंने संबंधित पक्षों को सात दिन में समाधान करने का अल्टीमेटम दिया है।
