डॉ. के. ए. पॉल ने ईरान युद्ध के आर्थिक और मानवीय प्रभावों पर चिंता जताई। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा और शांति वार्ता को प्राथमिकता देने की मांग की
वॉशिंगटन डीसी: डॉ. के. ए. पॉल ने ईरान युद्ध के संभावित आर्थिक और मानवीय प्रभावों पर चिंता जताते हुए संघर्ष में शामिल पक्षों से कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युद्ध का असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आम नागरिकों की आजीविका, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर भी पड़ सकता है।
ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के संस्थापक ने इजरायलियों से 27 अक्टूबर को शांति और राजनीतिक जवाबदेही के समर्थन में आवाज उठाने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ईरान नीति की समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि देश के नागरिकों को यह विचार करना चाहिए कि मौजूदा नेतृत्व स्थायी शांति के लिए कितना प्रभावी है।
डॉ. पॉल ने खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि कुछ देशों में किराने का सामान दोगुना महंगा हो गया है, जबकि कुछ अन्य जगहों पर कीमतों में कई गुना वृद्धि हुई है। हालांकि, उन्होंने इन दावों के समर्थन में देशों के नाम या विस्तृत आंकड़े नहीं दिए।
उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अधिक पड़ सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और कम आय वाले लोगों के लिए भोजन तथा स्वच्छ पानी तक पहुंच बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, सरकारों, धार्मिक नेताओं और मानवीय सहायता संगठनों से प्रभावित लोगों की जरूरतों का आकलन करने का आग्रह किया।
डॉ. पॉल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति और सैन्य कार्रवाई के उद्देश्यों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई के जरिए सत्ता परिवर्तन की कोशिश क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ा सकती है। उन्होंने सैन्य अभियान से जुड़े फैसलों और उपलब्ध कूटनीतिक विकल्पों की समीक्षा करने की मांग की।
उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या और राजनीतिक नेतृत्व को निशाना बनाने के संभावित परिणामों पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं दुश्मनी बढ़ा सकती हैं और बातचीत के रास्ते को कठिन बना सकती हैं।
डॉ. पॉल ने बताया कि उन्होंने 15 मार्च को युद्ध समाप्त करने के लिए 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया था। उन्होंने अमेरिका, इजरायल और ईरान से इस प्रस्ताव समेत अन्य विश्वसनीय कूटनीतिक पहलों पर विचार करने का आग्रह किया।
उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन के शांति प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि राजनीतिक नेतृत्व संघर्ष में शामिल पक्षों को बातचीत की मेज तक लाने में मदद करेगा। उन्होंने युद्ध संबंधी निर्णयों और सलाहकारों की भूमिका की पारदर्शी समीक्षा की भी मांग की।
डॉ. पॉल ने स्पष्ट किया कि उनकी अपील इजरायल की सरकारी नीतियों और राजनीतिक नेतृत्व से जुड़ी है, न कि किसी धार्मिक या जातीय समुदाय को निशाना बनाने के लिए। उन्होंने इजरायलियों, फिलिस्तीनियों, ईरानियों और पूरे क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा पर जोर दिया।
उन्होंने 25 अक्टूबर 2026 को डलास के प्रिस्मो कोलिनास में होने वाली ग्लोबल पीस एंड प्रेयर मीटिंग में विश्व नेताओं और मीडिया प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया। डॉ. पॉल के अनुसार, स्थायी शांति के लिए नागरिकों की सुरक्षा, संवाद और कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
