राजस्थान के प्रमुख आवासीय आयुक्त श्री रोहित कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया दस दिवसीय उत्सव का विधिवत शुभारंभ
नई दिल्ली: बीकानेर हाउस, नई दिल्ली में शनिवार को राजस्थानी संस्कृति और परंपरा के रंगों से सजे ‘तीजोत्सव 2026’ का विधिवत शुभारंभ राजस्थान के प्रमुख आवासीय आयुक्त श्री रोहित कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। शुभारंभ अवसर पर उन्होंने तीज माता को तिलक अर्पित कर पूजा-अर्चना की तथा उपस्थित सभी लोगों को तीज उत्सव की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. सुजान इलियास, राजस्थान फाउंडेशन दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष श्री रामावतार किला समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
इस अवसर पर श्री रोहित कुमार ने बताया कि इस मेले से दिल्ली में रह रहे अप्रवासी राजस्थानियों सहित राजधानीवासियों को राजस्थान की रंगारंग शैली, सांस्कृतिक विरासत, हस्तकला से निर्मित उत्पाद, पारंपरिक संगीत, नृत्य, स्वादिष्ट व्यंजन और संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थानी हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आनलाईन खरीदारी हेतु सरकार द्वारा विशेष ‘राजसखी ऐपपोर्टल’ बनाया गया है जहां पर स्थानीय कारीगर अपने सामान को देश दुनिया में बिक्री के लिए प्रदर्शित कर सकते हैं। श्री कुमार ने कहा कि राजीविका, रूडा स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर राजस्थानी हैंडीक्राफ्ट को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बेहतर कार्य कर रही हैं।
तीज माता की सवारी
इस दस दिवसीय तीजोत्सव में शुभारंभ अवसर पर तीज माता की सवारी बड़ी धूमधाम से निकाली गई। तीज माता को पालकी में सुसज्जित कर चार कहारों द्वारा पांरपरिक रूप से परिसर में घुमाकर पूजा-अर्चना की।
मेले में निकाली गई तीज की सवारी के बारे में बताते हुए संयुक्त आवासीय आयुक्त श्रीमती रिंकु मीना ने बताया कि तीज सवारी में लगभग 51 महिलाओं ने मंगल कलश यात्रा के साथ तीज की सवारी की शोभा बढाई। सवारी की अगुवाई राजस्थानी लोककलाकारों ने मशक वादन, कच्छी घोड़ी आदि अपनी कला प्रदर्शन से की। इसके उपरांत सैकड़ों महिला-पुरूषों ने अलग-अलग परिधानों में सवारी में सम्मिलित होकर मंगल गायन कर तीज माता की आराधना की। उन्होंने बताया कि रविवार को अवकाश होने के कारण दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आए आगंतुकों ने तीजोत्सव में लगे राजस्थानी व्यंजनों के साथ राजस्थानी हस्त-कलाकारों द्वारा निर्मित उत्पादों की खूब खरीदारी की।
उन्होंने बताया कि तीज माता की सवारी निकालने के बाद राजस्थानी कला और संस्कृति से सराबोर सांस्कृतिक संध्या के आयोजन ने आगंतुकों का भरपूर मनोरंजन किया। इस रंगारंग सांस्कृतिक संध्या का आयोजन पर्यटक स्वागत केंद्र द्वारा किया गया। उन्होेंने बताया कि 24 अगस्त तक चलने वाले इस दस दिवसीय साप्ताहिक तीजोत्सव में राजीविका और रूडा द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों के स्टाॅल और फूड फेस्टिवल का आयोजन भी किया जा रहा है।
पर्यटन विभाग की उप निदेशक निदेशक श्रीमती दीपाली शर्मा ने बताया कि इस सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान के विभिन्न अंचलों जैसे बीकानेर, टोंक, चुरू, जोधपुर, अजमेर, बारां, डीग और अलवर से आए लोककलाकारों ने मशक वादन, कच्छी घोड़ी, भोपा वादन एवं गायन, खड़ताल वादन और गायन, चरी नृत्य, चकरी नृत्य, चंग ढ़प नृत्य, घूमर नृत्य, कालबेलिया नृत्य तथा प्रसिद्ध मयूर नृत्य और फूलों की होली की प्रस्तृति दी।
