SEZ भूमि प्रकरण में पारदर्शिता की मांग, सरकारी अभिलेख सार्वजनिक करने और लंबित RTI आवेदनों के जल्द निस्तारण की अपील
नई दिल्ली: दिल्ली के प्रेस क्लब में हुई पत्रकार वार्ता में हरियाणा के झज्जर और गुरुग्राम जिलों में करीब 7,200 एकड़ भूमि से संबंधित SEZ और गैर-SEZ मामलों पर चर्चा हुई। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार रक्षक सरदार चरणजीत सिंह और उनके सहयोगियों ने सरकारी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने भूमि खरीद, भूमि उपयोग में बदलाव, सरकारी भूमि हस्तांतरण और परियोजना से जुड़ी मंजूरियों के मूल दस्तावेज सामने लाने की अपील की।
“आरोप नहीं, दस्तावेज चाहिए”
सरदार चरणजीत सिंह ने कहा कि अभियान का उद्देश्य किसी व्यक्ति, कंपनी या संस्था को दोषी ठहराना नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी दस्तावेजों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
उन्होंने भूमि खरीद के दौरान दिए गए स्टाम्प शुल्क, संभावित सरकारी छूट या प्रतिपूर्ति तथा SEZ से गैर-SEZ परियोजना में बदलाव के लिए मिली स्वीकृतियों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
भूमि मूल्य को लेकर उठाए गए सवाल
प्रेस वार्ता में भूमि की खरीद कीमत और विकसित भूमि के कथित मूल्य के बीच अंतर का मुद्दा भी उठाया गया। वक्ताओं ने बताया कि यदि खरीद दर लगभग 20–22 लाख रुपये प्रति एकड़ और विकसित भूमि का मूल्य करीब 24.20 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक बताया गया है, तो इस अंतर की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह सवाल है, कोई स्थापित निष्कर्ष नहीं। उनका कहना था कि सरकारी दस्तावेजों से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

सरकारी हस्तांतरण और HSIIDC समझौते पर जानकारी मांगी
पत्रकार वार्ता में HSIIDC से जुड़े संयुक्त उपक्रम समझौतों, सरकारी भूमि हस्तांतरण, भूमि मूल्यांकन तथा संबंधित सरकारी फाइलों की टिप्पणियों और स्वीकृतियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई।
परियोजना में हरियाणा के स्थानीय निवासियों के लिए कथित 70 प्रतिशत रोजगार प्रावधान के अनुपालन की जानकारी देने की मांग भी की गई।
वक्ताओं ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत लंबित आवेदनों को निर्धारित समय सीमा में निपटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता के लिए संबंधित दस्तावेजों तक नागरिकों की वैधानिक पहुंच जरूरी है।
लोकतांत्रिक भागीदारी पर बल
उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता बलराज मलिक ने नागरिकों से संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से सार्वजनिक मुद्दे उठाने की अपील की। उन्होंने नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सवाल पूछने के अधिकार को लोकतंत्र की मजबूती से जोड़ा।
निष्पक्ष जांच की मांग
पत्रकार वार्ता के अंत में सरदार चरणजीत सिंह ने कहा कि अभियान का लक्ष्य पारदर्शिता और जवाबदेही है। उन्होंने मांग की कि SEZ–गैर-SEZ भूमि मामले से जुड़े वैधानिक रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं और किसी वास्तविक अनियमितता की पुष्टि होने पर निष्पक्ष जांच कराई जाए।
