विभिन्न राज्यों से पहुंचे विद्यार्थियों ने संसदीय कार्यवाही का सफल अनुकरण कर राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर अपने विचार रखे
नई दिल्ली: नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में 19 और 20 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय दिल्ली स्टूडेंट पार्लियामेंट में देशभर के विद्यार्थियों ने संसदीय व्यवस्था का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। प्रतिभागियों ने सांसद, मंत्री, विपक्ष के नेता और लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका निभाते हुए संसदीय प्रक्रियाओं का अनुकरण किया और समसामयिक विषयों पर प्रभावी चर्चा की।
कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक मूल्यों जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे। विद्यार्थियों ने सत्ता पक्ष और विपक्ष की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए संसदीय प्रक्रिया का अनुकरण किया तथा तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपनी बात रखी।

मुख्य अतिथि डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए युवाओं का संवैधानिक मूल्यों और जिम्मेदार नेतृत्व के प्रति समर्पित होना आवश्यक है।
भदोही सांसद डॉ. बिनोद कुमार बिंद ने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। ओबीसी आयोग के उपाध्यक्ष सत्येन्द्र बारी ने समावेशी प्रतिनिधित्व को लोकतंत्र की आधारशिला बताया, जबकि एनसीपी के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष धीरज शर्मा ने युवाओं को ईमानदारी और संवाद के साथ नेतृत्व करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन श्रीजाता घोष ने किया और संयुक्त सचिव प्रतिज्ञा सिंह ने मीडिया से आयोजन को विभिन्न माध्यमों से जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। अध्यक्ष विशाल मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम की सुव्यवस्थित व्यवस्था और सफल संचालन की सभी ने प्रशंसा की।
20 जुलाई को आयोजित समापन सत्र में उत्तर प्रदेश के अयोध्या जनपद की गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक अभय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवाओं की सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
आयोजन की सफलता में उपाध्यक्ष प्रवीण रावत, महासचिव कौशिकी त्रिपाठी, संयुक्त सचिव प्रतिज्ञा सिंह तथा कोर कमेटी के सदस्य विदि, आरुषि तिवारी, प्रखर सिंह, शालिनी, साक्षी और अन्य स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दिल्ली स्टूडेंट पार्लियामेंट का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि लोकतंत्र केवल संसद तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूक संवाद, सक्रिय भागीदारी और जिम्मेदार नागरिकता से ही सशक्त होता है। देशभर से आए विद्यार्थियों का उत्साह, अनुशासन और गंभीर भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि भारत का युवा लोकतांत्रिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है।
