लखनऊ में भाई ने बहन से किया दुष्कर्म,आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ में भाई ने बहन से किया दुष्कर्म,आरोपी गिरफ्तार

रिश्तों को तार-तार करने वाला मामला: चुप कराए गए पीड़िता के मुंह से ससुराल में निकला सच, मेडिकल जांच में सामने आया पांच सप्ताह का गर्भ, सास ने बनवाया मुकदमा

5 मई 2025, नई दिल्ली

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। पारा थाना क्षेत्र में एक युवती ने अपने सगे भाई पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, यह घटना 1 अप्रैल की रात हुई, जब घर में सभी सो रहे थे। इसी दौरान उसका भाई चुपचाप उसके कमरे में आया और दो बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने जब विरोध किया तो आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी।

पीड़िता का दावा है कि उसने अगले दिन जब अपने पिता को पूरी बात बताई तो उन्होंने उसे चुप रहने की हिदायत दी और समाज में ‘इज्जत’ का हवाला दिया। डर, सामाजिक दबाव और परिवार की बेरुखी के कारण युवती चुप रही। कुछ ही दिन बाद, 15 अप्रैल को उसकी जबरन शादी कर दी गई और वह ससुराल चली गई।

मेडिकल जांच में हुआ सच का पर्दाफाश


शादी के बाद जब पीड़िता को पीरियड्स नहीं हुए तो ससुरालवालों को शक हुआ। 29 अप्रैल को उसे पास के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां अल्ट्रासाउंड और मेडिकल जांच में खुलासा हुआ कि वह 5 सप्ताह और 2 दिन की गर्भवती है। यह सुनते ही ससुरालवालों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

जब ससुरालवालों ने युवती से पूछताछ की, तो उसने फूट-फूट कर पूरी आपबीती सुनाई। इस पर उसकी सास ने साहसिक कदम उठाते हुए उसे लेकर पारा थाने पहुंचीं और FIR दर्ज करवाई।

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आरोपी भाई गिरफ्तार, परिवार पर भी जांच की तैयारी


पुलिस ने IPC की धारा 376 (दुष्कर्म), 506 (धमकी देना) और POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि युवती के पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका क्या रही, क्योंकि उन्होंने मामले को छुपाने और शादी कराने में अहम भूमिका निभाई।

पारा थाना प्रभारी के अनुसार, “मामला बेहद संवेदनशील है। पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया जा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”


यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि उस सामाजिक ढांचे पर सवाल भी खड़ा करती है, जिसमें ‘इज्जत’ के नाम पर बेटियों की आवाज को दबा दिया जाता है। पीड़िता का निकाह और गर्भावस्था का खुलासा यह बताता है कि समाज में अभी भी स्त्रियों के साथ होने वाले अपराधों को गंभीरता से नहीं लिया जाता, जब तक कि उनकी चीखें घर की चारदीवारी पार न कर जाएं।

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