‘फुले’ फिल्म को महाराष्ट्र में टैक्स फ्री करने की मांग: जयंत पाटिल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

‘फुले’ फिल्म को महाराष्ट्र में टैक्स फ्री करने की मांग: जयंत पाटिल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

महात्मा ज्योतिराव और सावित्रीबाई फुले के जीवन पर आधारित फिल्म को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए टैक्स माफी की अपील; बिहार और राजस्थान में भी उठी मांग

2 मई 2025, नई दिल्ली

महाराष्ट्र राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ विधायक जयंत पाटिल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘फुले’ को राज्य में टैक्स फ्री करने की मांग की है। यह फिल्म समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले के जीवन और संघर्ष पर आधारित है।

पाटिल ने अपने पत्र में लिखा, “25 अप्रैल को निर्देशक अनंत महादेवन की फिल्म ‘फुले’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई, जिसे दर्शक पसंद कर रहे हैं। हमारी मांग है कि इस फिल्म को टैक्स फ्री किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख सकें।” उन्होंने आगे कहा, “महात्मा फुले और सावित्रीबाई का इतिहास दलितों के लिए पानी की टंकी खोलने, शिक्षा के लिए दरवाजे खोलने, महिला शिक्षा के लिए कदम उठाने तक ही सीमित नहीं है। इससे भी अधिक बड़ा काम उन्होंने किया है। उनके काम का प्रभाव इतना जबरदस्त है कि जैसे 19वीं सदी में उनके काम का विरोध हुआ, वैसे ही 21वीं सदी में उनकी फिल्म का भी विरोध देखने को मिला। परिणामस्वरूप सेंसर बोर्ड ने फिल्म के करीब 12 सीन काट दिए। इंसानियत और उसके अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ने वाले जोड़े की इस संघर्ष यात्रा को हर किसी को देखना चाहिए। उनके बारे में गलत सूचना फैलाने के लिए जिम्मेदार लोगों को भी यह फिल्म दिखानी चाहिए। इससे गलतफहमियां दूर होंगी।”

फिल्म ‘फुले’ में अभिनेता प्रतीक गांधी ने महात्मा फुले की भूमिका निभाई है, जबकि पत्रलेखा ने सावित्रीबाई फुले का किरदार निभाया है। यह फिल्म पहले 11 अप्रैल 2025 को रिलीज़ होने वाली थी, लेकिन कुछ समुदायों की आपत्तियों के चलते इसकी रिलीज़ 25 अप्रैल तक टाल दी गई। सेंसर बोर्ड ने फिल्म में जातिगत संदर्भों और संवादों को लेकर लगभग 12 कट्स सुझाए थे।

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महाराष्ट्र से पहले बिहार और राजस्थान में भी ‘फुले’ को टैक्स फ्री करने की मांग उठ चुकी है। बिहार में राष्ट्रीय लोक जनता दल के जिला अध्यक्ष रमेश कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर यह मांग की थी। वहीं, राजस्थान में ओबीसी ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से फिल्म को टैक्स फ्री करने की अपील की है।

महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले ने 19वीं सदी में जातिगत भेदभाव और महिला शिक्षा के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्वदेशी स्कूल खोला था और 1873 में ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य समाज में समानता और शिक्षा का प्रसार करना था।

फिल्म ‘फुले’ को टैक्स फ्री करने की मांग के पीछे यह उद्देश्य है कि समाज के अधिक से अधिक लोग इस प्रेरणादायक कहानी से अवगत हो सकें और महात्मा फुले दंपत्ति के योगदान को समझ सकें।

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