यूपी सरकार का स्कूल एडमिशन पर बड़ा फैसला: अब गरीब बच्चों को दाखिले में नहीं होगी परेशानी, जानिए क्यों

यूपी सरकार का स्कूल एडमिशन पर बड़ा फैसला: अब गरीब बच्चों को दाखिले में नहीं होगी परेशानी, जानिए क्यों

दाखिला प्रक्रिया आसान, गरीब परिवारों को बड़ी मदद – जानिए नया नियम क्या है और एडमिशन कैसे होगा

यूपी में RTE स्कूल एडमिशन के लिए अब बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं! सरकार ने नियम बदले ताकि गरीब-दुर्बल वर्ग के बच्चे को आसानी से प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन ले सकें और उन्हे शिक्षा मिल सके । आवेदन में सिर्फ एक अभिभावक का आधार और बैंक डिटेल्स लगेगे । 2026-27 सेशन के लिए नई गाइडलाइंस चेक करें।

गरीब बच्चों को मिलेगा पढ़ाई का पूरा मौका

उत्तर प्रदेश सरकार ने RTE (Right to Education) के तहत स्कूल एडमिशन में एक बहुत बड़ा और राहत भरा बदलाव किया है। अब बच्चे का आधार कार्ड एडमिशन के लिए जरूरी नहीं रहेगा! ये फैसला खासतौर पर गरीब, अलाभित और दुर्बल वर्ग के परिवारों के लिए बहुत बड़ी अच्छी खबर है, क्योंकि पहले कई बच्चे सिर्फ आधार न होने की वजह से RTE कोटे से वंचित रह जाते थे – खासकर छोटे बच्चों का आधार बनवाना मुश्किल होता है। इस बड़े बदलाव से अब सभी बच्चों को शिक्षा मिलेगी |

क्यों हटाया गया बच्चे का आधार अनिवार्य?

  • पहले ऑनलाइन आवेदन में बच्चे और दोनों माता-पिता के आधार कार्ड की जरूरत पड़ती थी।
  • कई गरीब परिवारों में छोटे बच्चों का आधार नहीं बन पाता था, या दस्तावेजों की कमी से आवेदन रिजेक्ट हो जाता था।
  • सरकार ने कहा कि RTE एक्ट का असली मकसद है – हर बच्चे को बिना किसी रुकावट के फ्री और अनिवार्य शिक्षा मिले। इसलिए ‘ease of living’ के तहत ये बाधा हटाई गई है।
  • बेसिक एंड सेकेंडरी एजुकेशन के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी परथ सरथी सेन शर्मा ने ये स्पष्ट किया कि असली जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा का हक मिले, यही मकसद है।

अब एडमिशन कैसे होगा?

  • ऑनलाइन आवेदन rte25.upsdc.gov.in पर होगा (2026-27 सेशन के लिए राउंड 2 शुरू हो चुका है)।
  • बच्चे का आधार अब नहीं मांगा जाएगा।
  • कम से कम एक अभिभावक (माता या पिता) का आधार जरूरी होगा, लेकिन सिर्फ इसलिए क्योंकि RTE के तहत मिलने वाली फाइनेंशियल हेल्प सिर्फ आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होगी।
  • आवेदन फॉर्म में अभिभावक को अपना आधार-सीडेड बैंक अकाउंट डिटेल्स भरनी होंगी।
  • एडमिशन लॉटरी सिस्टम से होगा – 25% सीटें RTE कोटे के तहत प्राइवेट अनएडेड स्कूलों में।
  • उम्र के हिसाब से एलिजिबिलिटी: नर्सरी के लिए 3-4 साल, LKG के लिए 4-5 साल, क्लास 1 के लिए 6-7 साल।

जरूरी बातें:

  • स्कूल की असली फीस और सरकार द्वारा तय की गई फीस—इन दोनों में से जो रकम कम होगी, उसी के हिसाब से पैसा वापस (reimbursement) मिलेगा।
  • यूनिफॉर्म, किताबों आदि के लिए सालाना ₹5,000 सीधे अभिभावक के खाते में आएंगे।
  • ये नए नियम 2026–27 के एकेडमिक सेशन से लागू होंगे और इससे पहले जो आदेश या नियम थे, उनकी जगह अब यही नया आदेश मान्य होगा।

अगर आपके बच्चे के लिए RTE कोटे में प्राइवेट स्कूल में फ्री एडमिशन का प्लान है, तो जल्दी से वेबसाइट चेक करें और आवेदन कर दें। अब दस्तावेजों की टेंशन कम हो गई है – बस सही जानकारी भरें और लॉटरी का इंतजार करें! अगर आपके इलाके में कोई डाउट है, तो लोकल डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिस या rte25.upsdc.gov.in पर पता करें।

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