मैटकेयर वाराणसी में पात्र मरीज आयुष्मान भारत योजना के तहत नवजात शिशुओं के लिए मुफ्त भर्ती और विशेषज्ञ NICU-PICU सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे
वाराणसी:वाराणसी के मैटकेयर मैटरनिटी एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में आयुष्मान भारत योजना शुरू कर दी गई है। इसके तहत पात्र मरीज नवजात शिशुओं के इलाज के लिए मुफ्त भर्ती, NICU और PICU सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
इस योजना का उद्देश्य उन परिवारों की मदद करना है, जिन्हें नवजात शिशुओं के लिए विशेष चिकित्सा देखभाल की जरूरत होती है। खासतौर पर समय से पहले जन्मे, गंभीर रूप से बीमार और हाई रिस्क बच्चों को NICU जैसी सुविधाओं की जरूरत पड़ सकती है।
डॉ. दयाशंकर मिश्र रहे मुख्य अतिथि
योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र (दयालु) मुख्य अतिथि रहे।
कार्यक्रम में मैटकेयर वाराणसी के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. आर. वी. सिंह, सेंटर हेड डॉ. सुनील यादव, हेड पीडियाट्रिक्स डॉ. निमिषा सिंह और हेड नियोनेटोलॉजी डॉ. अभिजीत रॉय भी मौजूद रहे।

पात्र परिवारों को मिलेगी विशेषज्ञ देखभाल
आयुष्मान भारत योजना शुरू होने के बाद पात्र मरीज मैटकेयर की NICU और PICU सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे उन परिवारों को मदद मिलेगी, जिनके लिए विशेष नवजात देखभाल का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
डॉ. दयाशंकर मिश्र ने कहा कि हर नवजात को बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा देखभाल मिलनी चाहिए। उन्होंने मैटकेयर में योजना की शुरुआत को क्षेत्र के परिवारों के लिए उपयोगी पहल बताया।
मैटकेयर के सीईओ डॉ. निखिल यादव ने कहा कि अस्पताल का लक्ष्य महिला और बाल स्वास्थ्य सेवाओं को हर परिवार तक अधिक आसानी से पहुंचाना है।
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. आर. वी. सिंह ने कहा कि इस योजना से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं अधिक लोगों तक पहुंचेंगी।
सेंटर हेड डॉ. सुनील यादव ने मां और नवजात के लिए समय पर इलाज और आधुनिक NICU सुविधाओं के महत्व पर जोर दिया।
हेड पीडियाट्रिक्स डॉ. निमिषा सिंह ने कहा कि बच्चों को समय पर विशेषज्ञ देखभाल मिलना उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
हेड नियोनेटोलॉजी डॉ. अभिजीत रॉय ने बताया कि मैटकेयर का लेवल-थ्री NICU गंभीर, प्रीमैच्योर और हाई रिस्क नवजातों की देखभाल के लिए विशेष रूप से तैयार है।
आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत से मैटकेयर वाराणसी में पात्र परिवारों के लिए महिला, बाल और नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
