Bangladesh vs Pakistan: बांग्लादेश ने सीरीज जीती, लेकिन आखिरी ओवर में हुए DRS विवाद ने पाकिस्तान को मैदान के बाहर भी लड़ाई लड़ने पर मजबूर कर दिया। जानिए क्या है पूरी कहानी।
ढाका: ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में रविवार की रात ऐसा कुछ हुआ जो क्रिकेट फैंस काफी वक्त तक नहीं भूलेंगे। बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 11 रन से हराकर तीन मैचों की ODI सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली — लेकिन जीत की इस खुशी के साथ एक ऐसा विवाद भी जुड़ गया जो अब मैच रेफरी तक पहुंच चुका है।
बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 290/5 का स्कोर खड़ा किया। जवाब में पाकिस्तान पूरे 50 ओवर खेलकर 279 पर आउट हो गई। मैच रोमांचक था, सीरीज का फैसला होना था — और आखिरी ओवर तक सब कुछ पाकिस्तान की पहुंच में था। लेकिन 49.5वीं गेंद पर जो हुआ, उसने पूरे नतीजे की दिशा बदल दी।
49.5वीं गेंद —आखरी 2 गेंदों का खेल
पाकिस्तान को आखिरी दो गेंदों पर चाहिए थे 12 रन। क्रीज पर थे शाहीन शाह अफरीदी। गेंदबाज थे रिशाद हुसैन।
रिशाद ने एक स्पिन गेंद डाली जो लेग साइड की तरफ निकल गई — बल्ले और पैड दोनों को मिस करते हुए। ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना ने तुरंत वाइड की आवाज़ लगाई। सब सामान्य लग रहा था।
लेकिन तभी स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर उस गेंद का रिप्ले दिखाया गया — और उसमें गेंद बल्ले के करीब से गुज़रती दिखी। बांग्लादेश ने रिव्यू ले लिया।
DRS ने पलटा खेल
DRS में Hawk-Eye और UltraEdge दोनों का इस्तेमाल हुआ। UltraEdge पर एक हल्की सी स्पाइक दिखी — यानी गेंद बल्ले के टो-एंड से टच हुई थी। LBW आउट तो नहीं था, लेकिन वाइड की कॉल भी पलट गई। गेंद अब लीगल डिलीवरी मान ली गई।
नतीजा? जो समीकरण था “2 गेंदों पर 12 रन”, वो अचानक बदलकर हो गया “1 गेंद पर 12 रन।”
पाकिस्तान का ऐतराज — बड़ी स्क्रीन ने दिया ‘अनुचित फायदा’?
मैच खत्म होते ही पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट ने मैच रेफरी नियामुर रशीद के पास औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी। पाकिस्तान की मुख्य आपत्ति यह थी कि बांग्लादेश ने रिव्यू उस वक्त लिया जब स्टेडियम स्क्रीन पर रिप्ले चल चुका था।
DRS प्रोटोकॉल के मुताबिक टीम को रिप्ले देखने से पहले रिव्यू का फैसला करना होता है — ताकि बाहरी जानकारी के आधार पर रणनीतिक फायदा न उठाया जा सके। पाकिस्तान का कहना था कि बड़ी स्क्रीन पर रिप्ले देखकर ही बांग्लादेश को यह अंदाजा हुआ कि गेंद बल्ले के पास से गई थी — और तभी उन्होंने रिव्यू लेने का फैसला किया।
इसके अलावा रिव्यू लेने की 15 सेकंड की समय-सीमा के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया, हालांकि ब्रॉडकास्ट में कोई टाइमर नज़र नहीं आया।
शाहीन अफरीदी मैदान पर अंपायर से काफी देर बहस करते दिखे — उनकी निराशा साफ़ झलक रही थी। आखिरी गेंद पर शाहीन अफरीदी स्टंप्ड हो गए। बांग्लादेश ने 11 रन से जीत दर्ज की।
पहले से था सीरीज में तनाव
यह विवाद कोई अचानक नहीं आया। इस सीरीज में तनाव का माहौल पहले से बना हुआ था। दूसरे ODI में सलमान आगा का रन-आउट विवादित रहा था, और उसके बाद आगा और मेहदी हसन मिराज़ दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया था।
तीसरे मैच में यह घटना उसी बढ़े हुए तनाव की अगली कड़ी बन गई।
अब आगे क्या?
मैच रेफरी नियामुर रशीद ने शिकायत दर्ज कर ली है — लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक फैसला या बयान सामने नहीं आया है। बांग्लादेश की तरफ से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
PCB को उम्मीद है कि कम से कम इस प्रक्रियागत चूक को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया जाएगा — भले ही मैच का नतीजा न बदले।
बांग्लादेश की यह सीरीज जीत ऐतिहासिक है — पाकिस्तान जैसी टीम को घर में 2-1 से हराना छोटी बात नहीं। लेकिन उस 49.5वीं गेंद का विवाद इस जीत के साथ एक सवालिया निशान की तरह जुड़ गया है। क्या DRS प्रोटोकॉल का सही पालन हुआ? क्या बड़ी स्क्रीन के रिप्ले ने नतीजे पर असर डाला?
ये सवाल अभी हवा में हैं — और जवाब मैच रेफरी की रिपोर्ट के बाद ही मिलेगा।
