साढ़े चार साल सोती रही शिवराज सरकार, और फिर अचानक जागी तो 6 महीने में बाट दी 21000  करोड़ की फ्रीबीज चुनाव आयोग का तंज- पांच साल याद क्यों नहीं आई, आखिरी में ही क्यों?

मध्य प्रदेश | 10 अक्टूबर 2023

कल विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करते समय मुख्य चुनाव आयुक्त ने बहुत बड़ा तंग सरकार पर कसा उन्होंने कहा पता नहीं क्यों 5 साल तक तो किसी को जनता की याद नहीं आती लेकिन आखिरी कुछ दिनों में और कुछ समय में यह लोग जनता पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान होने लगते हैं।

मध्य प्रदेश में चुनाव का ऐलान होने के 6 महीने पहले शिवराज सरकार ने बड़ी-बड़ी    4 फ्रीबी योजनाएं लागू की जिन पर सालाना ₹21000 करोड़ तक खर्च होना तय हुआ है। चुनाव की तारीख की घोषणा से दो दिन पहले 53000 करोड रुपए के कामों का भूमि पूजन शिवराज सरकार में हो गया है। यह कार्य चुनाव के बाद किस दिशा में जायेंगे यह तो समय बताएंगे। 

आगे बढ़ने से पहले लिए जान ले की फ्री की योजनाओं पर मध्य प्रदेश में कितना खर्च होने वाला है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 10 बड़ी घोषणाओं पर कुल मिलाकर 23000 करोड़ रूप से ज्यादा का पैसा खर्च होगा, इसमें सबसे ज्यादा खर्च लाडली बहन योजना पर होगा जिसकी अनुमानित लागत है 19000 करोड रुपए।

चुनाव आयोग ने फ्रीबीज पर क्या कहा

फ्रीबीज के मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि वोटर को यह जानने का अधिकार है कि किसी घोषणा को कब, कैसे और कितना लागू करेंगे। इसके लिए चुनाव आयोग ने एक प्रोफॉर्मा जारी किया है, जिसमें राजनीतिक पार्टियों को बताना होगा कि उनकी कोई भी मुफ्त वाली घोषणा के लिए ‘डेट टू जीडीपी रेश्यो ‘ क्या होगा? आप कितना लोन लेंगे? इंटरेस्ट पेमेंट टू टोटल रेवेन्यू रिसीज (कुल राजस्व प्राप्ति में से ब्याज कितना अदा होगा) क्या होगा?

फ्रीबीज पर चुनाव आयोग के 2 सवाल….

• एफआरबीएम (फिस्कल रिस्पॉन्सिब्लिटी एंड बजट मैनेजमेंट) के टारगेट तोड़ेंगे या नहीं?

• किसी योजना को बंद करके इसे लागू करेंगे या लोगों पर अतिरिक्त कर लगाएंगे?

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