दिसंबर 2025 तक लागू होगी नई पारदर्शी प्रणाली; टिकट बुकिंग होगी 10 गुना तेज, दलालों पर लगेगी लगाम
30 जून 2025, नई दिल्ली
भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग और रिजर्वेशन प्रणाली में बड़े बदलाव की घोषणा की है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब ट्रेन के प्रस्थान से आठ घंटे पहले रिजर्वेशन चार्ट तैयार किया जाएगा। पहले यह चार्ट चार घंटे पहले बनता था, जिससे प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को अंतिम समय तक टिकट की स्थिति नहीं पता चल पाती थी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस नई प्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक सुधारों को स्वीकृति दी है। उनका कहना है कि रेलवे की सभी सेवाएं यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने पर केंद्रित होनी चाहिए। यह नई प्रणाली दिसंबर 2025 तक देशभर में लागू कर दी जाएगी।
तत्काल टिकट बुकिंग में भी बदलाव
रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए बदलाव किए हैं। अब जिन ट्रेनों का प्रस्थान दोपहर 2 बजे से पहले होगा, उनके लिए रिजर्वेशन चार्ट एक दिन पहले रात 9 बजे तक तैयार कर लिया जाएगा। इससे प्रतीक्षा सूची में शामिल यात्रियों को जल्द जानकारी मिलेगी और वे वैकल्पिक यात्रा की योजना समय रहते बना सकेंगे।
अत्याधुनिक आरक्षण प्रणाली होगी लागू
रेलवे की नई आरक्षण प्रणाली का विकास Centre for Railway Information Systems (CRIS) द्वारा किया जा रहा है। इस प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत इसकी दस गुना अधिक क्षमता है।
वर्तमान में जहां एक मिनट में 32,000 टिकट बुक होते हैं, वहीं नई प्रणाली में यह संख्या बढ़कर 1.5 लाख प्रति मिनट हो जाएगी।
यात्रियों की पूछताछ की क्षमता भी 4 लाख से बढ़कर 40 लाख प्रति मिनट तक पहुंच जाएगी।
इसके अलावा, यात्रियों को अपनी मनपसंद सीट चुनने, भारतीय भाषाओं में फॉर्म भरने, और किराये का कैलेंडर देखने जैसी कई सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
दिव्यांगजनों, छात्रों और मरीजों के लिए भी विशेष आरक्षण सुविधा का प्रावधान किया जाएगा।
दलालों पर कसेगा शिकंजा
रेल मंत्रालय ने तत्काल टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। 1 जुलाई से नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसके तहत केवल प्रमाणित यात्री ही तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे। टिकट बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी वेबसाइट या ऐप पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
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जुलाई के अंत तक बुकिंग के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन प्रणाली भी लागू कर दी जाएगी, जो आधार कार्ड या डिजीलॉकर से जुड़े पहचान पत्रों पर आधारित होगी।
रेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सत्यापन प्रक्रिया को सख्त लेकिन व्यावहारिक बनाया जाए, जिससे यात्रियों की वास्तविक पहचान सुनिश्चित की जा सके और दलालों की भूमिका पूरी तरह समाप्त की जा सके।
भारतीय रेलवे की यह पहल न केवल आरक्षण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाएगी, बल्कि आम यात्रियों के लिए एक बेहतर, तेज़ और अधिक भरोसेमंद अनुभव सुनिश्चित करेगी। यात्री अब पहले से बेहतर योजना बना सकेंगे और उन्हें तत्काल टिकटों को लेकर असमंजस की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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