विराट कोहली 38 साल के हो गए हैं। जानिए उनके अंतरराष्ट्रीय करियर, 28,601 रन, 86 शतक, वर्ल्ड कप रिकॉर्ड और 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लक्ष्य के बारे में
नई दिल्ली: विराट कोहली 38 साल के हो गए हैं, लेकिन उनके बल्ले से रन बनाने की भूख अभी भी पहले जैसी दिखाई देती है। जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में 51 गेंदों पर 74 रन की शानदार पारी खेली। इस पारी ने एक बार फिर दिखाया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के करीब दो दशक बाद भी कोहली रिकॉर्ड और उपलब्धियों की तलाश में उसी जुनून के साथ खेल रहे हैं।
2027 वनडे वर्ल्ड कप अब उनके करियर का अगला बड़ा लक्ष्य है। कोहली के लिए यह टूर्नामेंट एक और बड़ा अध्याय लिखने का मौका हो सकता है।
19वें साल में कोहली का 38वां जन्मदिन
विराट कोहली का जन्म 5 नवंबर 1988 को नई दिल्ली में हुआ था। करीब दो दशक के करियर में उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।
साल 2008 में उन्होंने पहली बार बड़ी पहचान तब बनाई, जब उनकी कप्तानी में भारत ने मलेशिया में अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। युवा क्रिकेट में उन्होंने 40 मैचों में 1,910 रन बनाए, जिसमें चार शतक और 12 अर्धशतक शामिल थे।
इन शुरुआती प्रदर्शन ने उस आत्मविश्वास और जुझारूपन की झलक दी, जो आगे चलकर उन्हें भारत के सबसे बड़े बल्लेबाजों में शामिल करने वाला था।
कोहली ने 12 जून 2010 को जिम्बाब्वे के खिलाफ T20I डेब्यू किया। इसके बाद 20 जून 2011 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया। उन्होंने अपना आखिरी T20I 2024 T20 वर्ल्ड कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला। मई 2025 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया और उनका आखिरी टेस्ट जनवरी 2025 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ था।
दो अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों से दूर होने के बावजूद वनडे क्रिकेट में उनकी प्रतिबद्धता अभी भी कायम है। उनका रवैया आज भी ऐसे खिलाड़ी का नजर आता है, जो खुद को बेहतर बनाने और नए मुकाम हासिल करने की कोशिश में लगा है।
जन्मदिन से एक दिन पहले ऑकलैंड में 74 रन
कोहली ने जन्मदिन से एक दिन पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार पारी खेली। 4 नवंबर 2026 को ईडन पार्क, ऑकलैंड में खेले गए पहले वनडे में उन्होंने 51 गेंदों पर 74 रन बनाए।
बारिश के कारण भारत के सामने 143 रन का संशोधित लक्ष्य था। कोहली ने सिर्फ 35 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और वनडे करियर का 80वां अर्धशतक लगाया।
उनकी पारी में उम्र का असर कहीं नजर नहीं आया। उन्होंने सही गेंदों को निशाना बनाया, लगातार गैप खोजे और भारत के रन चेज को मजबूत बनाए रखा।
उनकी बल्लेबाजी की खासियत आज भी यही है कि वह जरूरत के हिसाब से नियंत्रित बल्लेबाजी और आक्रामक शॉट्स के बीच आसानी से संतुलन बना लेते हैं।
38 साल की उम्र में भी कोहली हर पारी को उसी खिलाड़ी की तरह खेलते हैं, जो मैदान पर खुद को साबित करने का नया मौका तलाश रहा हो।
अंडर-19 कप्तान से भारत के चेज मास्टर तक
अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान से लेकर भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल होने तक कोहली का सफर लंबे समय की मेहनत और निरंतरता की कहानी है।
रन चेज के दौरान बल्लेबाजी करने में उन्होंने खास पहचान बनाई। मैच की स्थिति को समझना, साझेदारी बनाना और जरूरत पड़ने पर रन गति बढ़ाना उनकी बल्लेबाजी की बड़ी ताकत रही।
उन्होंने सिर्फ ताकत के भरोसे रन नहीं बनाए। टाइमिंग, प्लेसमेंट, फिटनेस और विकेटों के बीच तेज दौड़ ने उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट में खास बनाया।
उनका प्रतिस्पर्धी स्वभाव भी उनके खेल का अहम हिस्सा रहा। बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बाद भी उन्होंने खुद के लिए नए लक्ष्य तय किए।
वनडे में कोहली के आंकड़े
5 नवंबर 2026 तक उपलब्ध करियर आंकड़ों के अनुसार, कोहली ने 318 वनडे मैचों में 306 पारियों के दौरान 15,183 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 58.84 है। उनके नाम 55 शतक और 80 अर्धशतक हैं।
58.84 का औसत बताता है कि आउट होने तक कोहली औसतन करीब 59 रन बनाते हैं। यह आंकड़ा उनकी निरंतरता और अच्छी शुरुआत को बड़ी पारियों में बदलने की क्षमता को दर्शाता है।
कोहली वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने सिर्फ 303 पारियों में 15,000 वनडे रन पूरे किए थे। इस दौरान उन्होंने सचिन तेंदुलकर के 377 पारियों में इस मुकाम तक पहुंचने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची में कोहली दूसरे स्थान पर हैं। हालांकि, वनडे शतकों का उनका रिकॉर्ड उन्हें इस प्रारूप के इतिहास में खास स्थान देता है।
टेस्ट क्रिकेट में भी रहा शानदार रिकॉर्ड
टेस्ट क्रिकेट में भी कोहली का करियर बड़ी पारियों से भरा रहा। उन्होंने 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन बनाए और उनका औसत 46.85 रहा।
उनके नाम 30 शतक, 31 अर्धशतक और सात दोहरे शतक हैं। दोहरा शतक यानी एक पारी में 200 या उससे ज्यादा रन बनाना। कोहली ने यह उपलब्धि सात बार हासिल की।
यह रिकॉर्ड दिखाता है कि वह लंबे समय तक क्रीज पर टिककर गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता रखते थे।
वह भारत के सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर हैं। आक्रामक रवैये और फिटनेस पर जोर ने भारतीय टेस्ट टीम की प्रतिस्पर्धी पहचान को मजबूत करने में भी भूमिका निभाई।
मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद इस प्रारूप में उनकी उपलब्धियां भारतीय क्रिकेट इतिहास का अहम हिस्सा हैं।
T20I में भी छोड़ी बड़ी छाप
कोहली ने अपने T20I करियर में 125 पारियों में 4,188 रन बनाए। उनका औसत 48.69 रहा। उनके नाम एक शतक और 38 अर्धशतक हैं। वह T20I में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं।
T20 क्रिकेट में बल्लेबाज के पास रन बनाने के लिए सीमित गेंदें होती हैं। कोहली ने सही शॉट चयन, टाइमिंग और स्ट्राइक रोटेट करने की क्षमता से इस चुनौती को प्रभावी ढंग से संभाला।
उनका आखिरी T20I 2024 T20 वर्ल्ड कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था। उस मुकाबले में उन्होंने 76 रन बनाए और भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई।
सभी प्रारूपों में तेंदुलकर के बाद
तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में कोहली के कुल आंकड़े उन्हें क्रिकेट इतिहास के महान बल्लेबाजों में शामिल करते हैं। ANI के अनुसार, उन्होंने 566 मैचों में 28,601 रन बनाए हैं। उनका औसत 52.86 है।
उनके नाम 86 शतक, 149 अर्धशतक और 254 नाबाद का सर्वोच्च स्कोर है।
अंतरराष्ट्रीय रनों और शतकों के मामले में उनसे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर हैं। तेंदुलकर ने अपने करियर में 100 अंतरराष्ट्रीय शतक बनाए।
कोहली के करियर का एक और खास रिकॉर्ड 2010 के दशक से जुड़ा है। उन्होंने उस दशक में 20,960 अंतरराष्ट्रीय रन और 69 शतक बनाए। वह एक दशक में 20,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले इकलौते क्रिकेटर हैं।
ये आंकड़े बताते हैं कि बड़े मुकाम हासिल करने के बाद भी कोहली ने अपनी गति कम नहीं होने दी।
वर्ल्ड कप में कोहली के यादगार पल
कोहली भारत के साथ दो बड़े वर्ल्ड कप खिताब जीत चुके हैं। उन्होंने 2011 में वनडे वर्ल्ड कप और 2024 में T20 वर्ल्ड कप जीता।
2023 वनडे वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन भी टूर्नामेंट के इतिहास के बेहतरीन व्यक्तिगत प्रदर्शनों में शामिल रहा। उन्होंने 11 मैचों में 765 रन बनाए। इस दौरान तीन शतक और छह अर्धशतक लगाए और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।
न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 117 रन बनाए और वनडे करियर का 50वां शतक पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने सचिन तेंदुलकर के 49 वनडे शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इतने बड़े रिकॉर्ड बनाने के बाद भी कोहली अब एक और वर्ल्ड कप में अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं।
कप्तान के रूप में भी शानदार रिकॉर्ड
कोहली की कप्तानी उनके क्रिकेट करियर का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा रही। उन्होंने भारत की 68 टेस्ट मैचों में कप्तानी की और 40 मुकाबले जीते। वह भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तानों में शामिल हैं।
कप्तानी के दौरान उन्होंने 54.8 के औसत से 5,864 रन बनाए, जिसमें 20 शतक शामिल हैं। भारतीय कप्तान के तौर पर उनके सात दोहरे शतक भी रिकॉर्ड हैं।
उन्होंने टीम के खिलाड़ियों के बीच फिटनेस के उच्च मानक स्थापित करने और हर मैच को आत्मविश्वास के साथ खेलने पर जोर दिया। उनकी कप्तानी में आक्रामकता, अनुशासन और जीत की इच्छा को खास महत्व मिला।
एक टीम के खिलाफ भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड
किसी एक टीम के खिलाफ लगातार शानदार प्रदर्शन करना भी कोहली की बल्लेबाजी की खासियत रही है।
वह एक ही विपक्षी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में शीर्ष पर हैं। उन्होंने श्रीलंका और वेस्टइंडीज के खिलाफ 10-10 वनडे शतक लगाए हैं।
एक ही टीम के खिलाफ 10 शतक बनाना सिर्फ प्रतिभा से संभव नहीं होता। इसके लिए लगातार तैयारी, परिस्थितियों के अनुसार बदलाव और एक ही तरह के गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ बार-बार अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होता है।
श्रीलंका और वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली का रिकॉर्ड उनकी लंबे समय तक रन बनाने की भूख को दिखाता है।
अब 2027 वर्ल्ड कप पर नजर
कोहली के सामने अब एक और बड़ा लक्ष्य है। वह कह चुके हैं कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। यह टूर्नामेंट अक्टूबर और नवंबर 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा।
यह टूर्नामेंट उन्हें भारत के साथ एक और वनडे वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने का मौका दे सकता है। 2011 में खिताब जीतने और 2023 में टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के बाद अब वह अपने आखिरी वर्ल्ड कप को भी यादगार बनाना चाहेंगे।
न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की मौजूदा वनडे सीरीज में 7, 10, 13 और 15 नवंबर को मुकाबले खेले जाने हैं। इन मैचों में भी कोहली के पास अपने रिकॉर्ड में नए रन जोड़ने का मौका रहेगा।
38 साल की उम्र में विराट कोहली भारतीय क्रिकेट को अनगिनत यादगार पल दे चुके हैं। लेकिन उनके खेल में आज भी उस युवा खिलाड़ी जैसा उत्साह नजर आता है, जो हर पारी में कुछ नया हासिल करना चाहता है। रन बनाने, मुकाबला करने और जीतने की उनकी इच्छा अब भी उतनी ही मजबूत है। प्रशंसक यही उम्मीद करेंगे कि 2027 वर्ल्ड कप तक उनके बल्ले की यह आग इसी तरह जलती रहे।
