Harmanpreet Kaur ने 2025 में इंडिया को पहली बार ICC विमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप जिताया और अब 2026 में लॉरियस वर्ल्ड टीम ऑफ द ईयर के लिए नॉमिनेट होकर महिला क्रिकेट को नए मुकाम पर पहुंचा रही हैं। जानिए उनकी पूरी जर्नी — रिकॉर्ड्स, लीडरशिप।
नई दिल्ली: 8 मार्च 1989 को पंजाब के मोगा में पैदा हुई हरमनप्रीत कौर को नहीं पता था की एक दिन वो इंडिया का झंडा लेकर स्टेडियम का चक्कर लगाएगी— और उस वक़्त, पूरी कौम उनके साथ रो रही होगी। हरमनप्रीत कौर ने 2 नवंबर 2025 को डी वाई पाटिल स्टेडियम, नवी मुंबई में साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर वो कर दिखाया जो इस देश की कोई भी महिला क्रिकेट टीम 50 सालों में नहीं कर पाई थी, आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप जीता।
वो पल जो दिल में उतर गया
फाइनल का आखिरी विकेट गिरा — और उसे लेने वाली कोई और नहीं, हरमनप्रीत कौर खुद थी। वो कैच पूरी इनिंग्स में उनके कैरेक्टर का आईना था: सब कुछ खुद उठाओ, टीम के लिए ज़िम्मेदारी लो। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पत्रकारों ने पूछा कैसा लग रहा है, हरमनप्रीत एक पल के लिए रुक गई। “मैं सपने में हूँ। मैं समझ नहीं पा रही हूँ जो हुआ है,” उन्होंने कहा। यह शायद पहली बार था जब हरमनप्रीत कौर — एक महिला जिसने 16 साल टूटी, रोई, वापस उठी — के पास अल्फाज़ नहीं थे।
यह जीत सिर्फ हरमनप्रीत के लिए नहीं थी। जब टीम ने झूलन गोस्वामी और मिताली राज को मैदान में बुलाया — वो दोनों जो 2017 के लॉर्ड्स फाइनल में हारी थीं — तो झूलन की आँखों में आँसू थे। एक पीढ़ी ने दूसरी पीढ़ी को अपनी बांह में ले लिया। वो पल क्रिकेट नहीं, इतिहास था।
सेमीफाइनल का वो चेस जो याद रहेगा
फाइनल से पहले, एक और इतिहास रच दिया गया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में इंडिया को 339 रन का पीछा करना था — महिला वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा सफल रन-चेज़। हरमनप्रीत ने जेमिमा रोड्रिग्स के साथ 167 रनों की साझेदारी बनाई, और खुद 89 रन बनाए। टीम ने वो किया जो दुनिया ने नामुमकिन समझा था।
फाइनल में शैफाली वर्मा ने 78 गेंदों पर 87 रनों की तूफानी पारी खेली। दीप्ति शर्मा ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट (22) लिए और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनीं। यह सिर्फ एक कप्तान की जीत नहीं थी – यह एक पूरी टीम की जीत थी।
लॉरियस: जब महिला क्रिकेट ग्लोबल स्टेज पर आई
03 मार्च 2026 को लॉरियस स्पोर्ट ने एक घोषणा की थी कि जो महिला क्रिकेट के लिए नया अध्याय था। हरमनप्रीत कौर की टीम को 2026 लॉरियस वर्ल्ड टीम ऑफ द ईयर के लिए नॉमिनेट किया गया — पहली बार किसी भी महिला क्रिकेट टीम को यह सम्मान मिला। अब इंडिया की यह टीम इंग्लैंड महिला फुटबॉल टीम, पीएसजी, मैकलारेन एफ1, यूरोपियन राइडर कप टीम, और ओक्लाहोमा सिटी थंडर के साथ एक ही स्टेज पर खड़ी है।
लॉरियस ने लिखा: “इंडिया विमेंस क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में विमेंस वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा सफल रन-चेज़ (339) पूरा किया — और फिर अपना पहला टाइटल जीता।”* अवॉर्ड का ऐलान मैड्रिड के सिबेल्स पैलेस में 20 अप्रैल 2026 को होगा।
रिकॉर्ड और ज़िम्मेदारी
हरमनप्रीत का नाम सिर्फ वर्ल्ड कप ट्रॉफी तक सीधा नहीं है। 2009 में इंटरनेशनल डेब्यू से आज तक, उन्होंने 8,000 से ज़्यादा इंटरनेशनल रन बनाए हैं। वो इंडिया की पहली महिला कैप्टन हैं जिन्होंने दो WPL टाइटल जीते — 2023 और 2025 दोनों मुंबई इंडियंस के साथ। 2018 में वो पहली इंडियन बनी जिसने T20I में सेंचुरी बनाई। और 2026 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से नवाजा।
लेकिन जिन्होंने उन्हें करीब से देखा है, वो जानते हैं कि हरमनप्रीत की असली खुशियों का कैरेक्टर है। जब सेमीफाइनल में स्मृति मंधाना जल्दी आउट हो गईं, हरमनप्रीत डगआउट में रो पड़ी — लेकिन मैदान में आकर उन्होंने 89 रन भी बनाए। यही हरमनप्रीत हैं: अंदर से टूटी, बाहर से अडिगी।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 का एजेंडा
वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी हरमनप्रीत रुकी नहीं। उनका साफ कहना है: “हमारा एंड गोल ICC विमेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 जीतना है। यह सफर कल से शुरू होता है।” T20 वर्ल्ड कप इंग्लैंड और वेल्स में जून 2026 में होगा, और हरमनप्रीत वहां भी वही सुनहरी ट्रॉफी उठाना चाहती हैं।
उनके अंडर शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, और ऋचा घोष जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं — साथ में नई पीढ़ी भी। यह कॉम्बिनेशन हरमनप्रीत को एक ऐसा कैप्टन बनाता है जो पास्ट और फ्यूचर के बीच की कड़ी है।
36 साल की उम्र में — जिस उम्र में लोग रिटायरमेंट के बारे में सोचते हैं — हरमनप्रीत कौर नया इतिहास लिख रही हैं। वो पहली इंडियन महिला कैप्टन हैं जो वर्ल्ड कप लेकर आई। पहली कैप्टन जिन्होंने ICC विमेंस टूर्नामेंट के नॉकआउट स्टेज में सबसे ज़्यादा रन बनाए। पहली महिला क्रिकेट टीम की कैप्टन जो लॉरियस के लिए नॉमिनेट हुई।
