गुजरात से Pakistan: चार भाइयों की अनसुनी Cricket दास्तान, जिनकी गूंज आज भी है ज़िंदा!

गुजरात से Pakistan: चार भाइयों की अनसुनी Cricket दास्तान, जिनकी गूंज आज भी है ज़िंदा!

चार भाइयों ने Pakistan के लिए खेला Cricket, बेटा और पोता भी बने Cricketer

नई दिल्ली, 20 अगस्त 2025

Junagadh (Gujarat) में जन्मे Mohammad परिवार के चार भाई—Hanif, Wazir, Mushtaq और Sadiq—ने Pakistan की अंतरराष्ट्रीय Cricket टीम के लिए खेला। इनमें “Little Master” Hanif Mohammad Pakistan Cricket के शुरुआती सुपरस्टार माने जाते हैं और उन्हें देश का पहला स्टार बल्लेबाज़ भी कहा जाता है।

बंटवारे के बाद Junagadh से Karachi का सफर

भारत-Pakistan विभाजन के समय Junagadh के नवाब ने Pakistan जाने का फैसला किया। इसी कारण Mohammad परिवार भी Karachi पहुंचा। शुरुआती दिनों में परिवार ने एक मंदिर में शरण ली, बाद में हालात सुधरे और यहीं से Cricket ने उनकी जिंदगी की दिशा तय की।

पिता-माता से मिली खेल की प्रेरणा

परिवार के मुखिया Ismail Mohammad क्लब Cricketer और होटल व्यवसायी थे। 1948 में उनके निधन के बाद भी बेटों ने खेलना नहीं छोड़ा। उनकी माँ Amir Bee खुद राष्ट्रीय स्तर की Badminton चैंपियन और Table Tennis खिलाड़ी रहीं। बेटों को Cricket में आगे बढ़ाने का श्रेय उन्हें भी जाता है।

स्कूल और शुरुआती ट्रेनिंग

भाइयों की पढ़ाई Junagadh के Alfred High School में हुई, जहाँ से Cricket की नींव पड़ी। शुरुआती कोचिंग Salim Durrani के पिता Abdul Aziz Durrani ने दी। बाद में भारत के Test Cricketer Naoomal Jaoomal ने भी उन्हें प्रशिक्षित किया।

चार भाइयों का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

Hanif Mohammad – 55 Test, 3915 रन, 12 शतक; Pakistan के “Little Master”।

Mushtaq Mohammad – 57 Test (3643 रन, 10 शतक) + 79 विकेट; 10 ODI मैच भी खेले।

Sadiq Mohammad – 41 Test, 2579 रन, 5 शतक; 19 ODI मैच।

Wazir Mohammad – 20 Test, 801 रन, 2 शतक।

Raees Mohammad – First-Class Cricket तक सीमित; एक Test में Twelfth Man भी रहे।

Hanif की 337 रनों वाली ऐतिहासिक पारी

1958 में Bridgetown (West Indies) में Hanif Mohammad ने 337 रन बनाकर Pakistan को मैच बचाया। यह पारी 970 मिनट तक चली और Test इतिहास की सबसे लंबी पारी (समय के लिहाज से) आज भी रिकॉर्ड है।

Gavaskar ने दिया “Original Little Master” का दर्जा

1978 में भारतीय टीम जब Pakistan गई, तो Sunil Gavaskar होटल जाने से पहले सीधे Hanif Mohammad के घर पहुंचे। उन्होंने कहा था, “मैं असली Little Master से मिलना चाहता हूँ।” यह घटना भारत-Pakistan Cricket रिश्तों का अनोखा किस्सा बन गई।

भाई-भाई साथ मैदान पर

कम से कम 64 मौकों पर Mohammad परिवार के दो भाई एक साथ Pakistan टीम में खेले। खास बात यह कि Pakistan के पहले 101 Test मैचों में से हर किसी में कम से कम एक Mohammad भाई ज़रूर शामिल रहा—Cricket इतिहास में दुर्लभ उदाहरण।

अगली पीढ़ियाँ: Shoaib और Shehzar

Hanif Mohammad के बेटे Shoaib Mohammad ने 1983 से 1995 के बीच Pakistan के लिए 45 Test और 63 ODI खेले। वे ठोस तकनीक और एकाग्रता के लिए जाने गए।
उनके पोते Shehzar Mohammad Karachi में जन्मे First-Class Cricketer हैं। उन्होंने 2018-19 की Quaid-e-Azam Trophy में Karachi Whites की ओर से 265 रनों की Double Century खेली। हालांकि उनका अभी अंतरराष्ट्रीय Debut नहीं हुआ है।

विरासत क्यों खास है?

Junagadh से Karachi तक का सफर, परिवार में खेल की गहरी जड़ें और चार भाइयों का एक साथ राष्ट्रीय टीम में खेलना—यह सब Mohammad Brothers की विरासत को खास बनाता है। Hanif की ऐतिहासिक 337 रनों वाली पारी और अगली पीढ़ियों का योगदान Pakistan Cricket की नींव का अहम हिस्सा है।

खेल