गौतम अडानी ने पश्चिम बंगाल में 2035 तक ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश की योजना बताई। न्यू टाउन में ₹4,000 करोड़ से 2,000 बेड का नॉन-प्रॉफिट अस्पताल बनेगा
नई दिल्ली/पश्चिम बंगाल: अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने पश्चिम बंगाल में 2035 तक ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश करने की योजना का ऐलान किया है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और अन्य क्षेत्रों में लगाया जाएगा।
इसी योजना के तहत कोलकाता के न्यू टाउन में 2,000 बेड वाले नॉन-प्रॉफिट अस्पताल ‘अडानी आरोग्य मंदिर’ की आधारशिला रखी गई। इस अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और रिसर्च फैसिलिटी पर ग्रुप ₹4,000 करोड़ से ज्यादा निवेश करेगा।
न्यू टाउन में बनेगा 2,000 बेड का अस्पताल
गौतम अडानी ने 24 सितंबर को अडानी आरोग्य मंदिर की आधारशिला रखी। इस मौके पर उनकी पत्नी प्रीति अडानी और बेटे करण अडानी भी भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए।
अडानी ग्रुप के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज और रिसर्च से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
इस प्रोजेक्ट की योजना में पहले बदलाव भी हुआ है। अगस्त में सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार करीब 1,000 बेड के अस्पताल पर लगभग ₹1,200 करोड़ के निवेश की बात कही गई थी। अब अस्पताल की क्षमता बढ़ाकर 2,000 बेड कर दी गई है और निवेश भी बढ़कर ₹4,000 करोड़ से अधिक हो गया है।
नॉन-प्रॉफिट मॉडल पर चलेगा अस्पताल
अडानी आरोग्य मंदिर को नॉन-प्रॉफिट मेडिकल संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
एक ही कैंपस में मरीजों के इलाज के साथ मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। यहां डॉक्टरों और अन्य हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षण देने के साथ स्पेशलाइज्ड मेडिकल सेवाएं भी विकसित की जाएंगी।
ग्रुप के अनुसार, यह प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल की हेल्थकेयर क्षमता को बढ़ाने के साथ मेडिकल शिक्षा और रिसर्च के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 1,000 बेड
अस्पताल के मॉडल में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मरीजों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
कुल 2,000 बेड में से 1,000 बेड पात्र आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे। इन मरीजों को राज्य और केंद्र सरकार की हेल्थ इंश्योरेंस योजनाओं के माध्यम से इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
इस तरह अस्पताल की आधी बेड क्षमता सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के पात्र लाभार्थियों के लिए निर्धारित होगी।
2035 तक बंगाल में ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश
अडानी आरोग्य मंदिर पश्चिम बंगाल के लिए अडानी ग्रुप की बड़ी निवेश योजना का हिस्सा है।
गौतम अडानी ने कहा कि ग्रुप 2035 तक पश्चिम बंगाल में ₹1 लाख करोड़ यानी करीब ₹1 ट्रिलियन से ज्यादा निवेश करेगा।
यह निवेश केवल हेल्थकेयर तक सीमित नहीं रहेगा। ग्रुप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सेक्टर समेत कई क्षेत्रों में प्रोजेक्ट्स पर काम करने की योजना बना रहा है।
पोर्ट, पावर और डेटा सेंटर पर भी फोकस
अडानी ग्रुप की व्यापक योजना में कई तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शामिल हैं।
इनमें पोर्ट और लॉजिस्टिक्स, पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, सड़कें, पुल और रोपवे शामिल हैं। इसके अलावा ग्रुप ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर में भी निवेश की योजना बना रहा है।
हालांकि, इन अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के लिए अभी अलग-अलग निवेश राशि और विस्तृत टाइमलाइन की जानकारी नहीं दी गई है।
कोलकाता के राइटर्स बिल्डिंग का भी होगा संरक्षण
अडानी ग्रुप ने कोलकाता की ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग के संरक्षण और पुनरुद्धार में सहयोग की भी घोषणा की है।
यह इमारत ईस्ट इंडिया कंपनी के दौर की है और शुरुआत में उसके प्रशासनिक कर्मचारियों के कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल होती थी। बाद में यह पश्चिम बंगाल सरकार के कामकाज का एक प्रमुख केंद्र बनी।
राइटर्स बिल्डिंग की बहाली की योजना अडानी ग्रुप के बंगाल निवेश कार्यक्रम में एक हेरिटेज पहल को भी जोड़ती है।
पश्चिम बंगाल की भौगोलिक स्थिति पर जोर
गौतम अडानी ने पश्चिम बंगाल की भौगोलिक स्थिति को भी निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
पश्चिम बंगाल भारत के औद्योगिक क्षेत्रों, पूर्वोत्तर और बंगाल की खाड़ी के बीच स्थित है। इससे राज्य को समुद्री व्यापार, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण स्थान मिलता है।
अडानी ने बंगाल की इस स्थिति को राज्य की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक ताकत बताया।
पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, सड़क और पावर सेक्टर में प्रस्तावित निवेश इसी कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को बढ़ाने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
अस्पताल प्रोजेक्ट से 10,000 से ज्यादा रोजगार
अडानी आरोग्य मंदिर प्रोजेक्ट से पश्चिम बंगाल के हेल्थकेयर इकोसिस्टम में 10,000 से ज्यादा रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
इनमें मेडिकल सर्विस, मेडिकल एजुकेशन, रिसर्च, एडमिनिस्ट्रेशन और अन्य सपोर्ट सेवाओं से जुड़े रोजगार शामिल होंगे।
वहीं, ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा की व्यापक निवेश योजना से लॉजिस्टिक्स, पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, ग्रुप ने सभी प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स के लिए कुल संभावित रोजगार का आंकड़ा जारी नहीं किया है।
हेल्थकेयर से आगे बढ़ेगा निवेश
अडानी आरोग्य मंदिर की आधारशिला के साथ पश्चिम बंगाल में अडानी ग्रुप की नई निवेश योजना की शुरुआत हो गई है।
2,000 बेड का अस्पताल मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। वहीं, 2035 तक ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश की व्यापक योजना में हेल्थकेयर के अलावा ऊर्जा, पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेक्टर भी शामिल हैं।
अब इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने के साथ पश्चिम बंगाल में अडानी ग्रुप की निवेश योजनाओं का दायरा और स्पष्ट होगा।
