ईरानी नेताओं को मारने की धमकी को बताया ईसाई मूल्यों के खिलाफ, ट्रंप को दिया 30 दिन का अल्टीमेटम
29 जून 2025, नई दिल्ली
विश्वप्रसिद्ध एवंजलिस्ट और अंतरराष्ट्रीय शांति कार्यकर्ता डॉ. के.ए. पॉल ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान की तीखी आलोचना की है जिसमें उन्होंने ईरान के धार्मिक नेता आयातुल्ला खामेनेई की हत्या की धमकी दी थी। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. पॉल ने ट्रंप के बयानों को “ईसाई मूल्यों, लोकतंत्र और मानवता के खिलाफ” बताते हुए अमेरिकी कांग्रेस और सीनेट में महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की घोषणा की।

डॉ. पॉल ने ट्रंप के हालिया बयान को “अमानवीय और ईसाई धर्म के लिए कलंक” करार दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप पहले दावा करते हैं कि उन्होंने खामेनेई को मारा नहीं, लेकिन फिर आभार न जताने पर हत्या की धमकी देते हैं—यह पूरी तरह अनैतिक और अस्वीकार्य है।
डॉ. पॉल ने अपनी 2020 की किताब “सेव अमेरिका एंड द वर्ल्ड फ्रॉम ट्रंप” का ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि ट्रंप की आक्रामक नीति से वैश्विक अस्थिरता बढ़ेगी। “मैंने उन्हें शांति का रास्ता दिखाया था, लेकिन उन्होंने नफरत की राह चुनी,” उन्होंने कहा।
यह भी पढ़ें : दिल्ली में मामूली कहासुनी बनी जानलेवा: स्कूटी टकराने पर 20 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या
डॉ. पॉल ने ईरान और इज़राइल के नेताओं के साथ संवाद का हवाला देते हुए बताया कि दोनों देशों ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वे जनसंहारक हथियारों का निर्माण नहीं कर रहे हैं। उन्होंने ट्रंप की खुफिया रिपोर्टों की अनदेखी और पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या पर दोहरे रवैये की भी निंदा की।
उन्होंने ट्रंप को 30 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि अगर भाषा और नीति में बदलाव नहीं हुआ, तो न केवल महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, बल्कि उन्हें “ईश्वर के न्याय” का भी सामना करना पड़ेगा।
डॉ. पॉल ने अंत में सभी से प्रार्थना करने की अपील की कि ट्रंप अपने विचारों में बदलाव लाएं। उन्होंने बाइबिल के सन्देश को दोहराया—”थाउ शॉल्ट नॉट किल” (तू हत्या न करेगा)।
यह भी पढ़ें : अनिकेत सरधना और सुदिति राजे को मिला ‘शौर्य सम्मान 2025′
