डॉ. के.ए. पॉल ने आंध्र प्रदेश की छात्रा पर कथित हमले के बाद विशेष अदालतों, तेज जांच और पुलिस जवाबदेही की मांग की
नई दिल्ली: बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में जांच और सुनवाई में देरी को लेकर ग्लोबल पीस इनिशिएटिव और प्रजा शांति पार्टी के अध्यक्ष डॉ. के.ए. पॉल ने चिंता जताई है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने और विशेष अदालतों की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
डॉ. पॉल ने यह मांग आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के राप्टाडु में 14 वर्षीय छात्रा पर हुए कथित हमले के बाद उठाई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 21 वर्षीय हेमंत ने कथित तौर पर प्रेम प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद छात्रा पर हमला किया था। डॉ. पॉल ने पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
2019 के सुप्रीम कोर्ट निर्देशों का किया जिक्र
डॉ. पॉल ने सुप्रीम कोर्ट के 25 जुलाई 2019 के निर्देशों का उल्लेख किया। ये निर्देश स्वतः संज्ञान वाली रिट याचिका (आपराधिक) संख्या 1/2019 से जुड़े हैं।
इनमें बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें स्थापित करने, हाई कोर्ट समितियों के माध्यम से मुकदमों की निगरानी करने और विशेष पुलिस टास्क फोर्स बनाने जैसे उपाय शामिल हैं।
उन्होंने इन व्यवस्थाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत बताई, ताकि मामलों की जांच और सुनवाई में अनावश्यक देरी न हो।
पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग
डॉ. पॉल ने कहा कि जांच में लापरवाही या जानबूझकर देरी करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर निलंबन और अभियोजन जैसे कदम उठाने की भी मांग की।
उन्होंने फास्ट ट्रैक अदालतों की संख्या और क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
समान न्याय और पीड़ितों की सहायता जरूरी
डॉ. पॉल ने संविधान के अनुच्छेद 14 का हवाला देते हुए कहा कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने नेताओं और प्रभावशाली लोगों के लिए अलग कानूनी व्यवस्था का विरोध किया।
इसके अलावा, उन्होंने महिला संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समूहों से पीड़ितों तथा उनके परिवारों को कानूनी सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील की।
डॉ. पॉल ने केंद्र और राज्य सरकारों सहित न्यायपालिका तथा पुलिस नेतृत्व से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
