Harmanpreet Kaur के बाद कौन बनेगा भारत का कप्तान?

Harmanpreet Kaur के बाद कौन बनेगा भारत का कप्तान?

Harmanpreet Kaur के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने के बाद Smriti Mandhana को अगला कप्तान बनाए जाने की चर्चा है। जानें BCCI के फैसले और टीम की नई लीडरशिप पर पूरी जानकारी

नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम में एक बड़े नेतृत्व बदलाव की शुरुआत हो गई है। हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। 6 अक्टूबर 2026 को बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने अपने फैसले की जानकारी दी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हरमनप्रीत के बाद भारतीय टीम की कप्तानी कौन संभालेगा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मृति मंधाना को इस जिम्मेदारी के लिए प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, बीसीसीआई ने अभी तक नए कप्तान के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी

हरमनप्रीत कौर ने भावुक संदेश के जरिए कप्तानी से हटने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हट रही हैं।

हरमनप्रीत ने अपने संदेश में बताया कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था। कप्तानी के दौरान उन्होंने कई यादें, भावनाएं और जिम्मेदारियां अपने साथ जोड़ी हैं।

हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं ले रही हैं। वह आगे भी भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलना जारी रखेंगी। अब उनका ध्यान कप्तानी की जिम्मेदारी के बजाय अपने खेल पर रहेगा।

हरमनप्रीत ने अपने संदेश में कहा कि कप्तानी का सफर भले ही खत्म हो रहा है, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका सफर जारी रहेगा।

हरमनप्रीत के बाद स्मृति मंधाना का नाम क्यों चर्चा में है?

बीसीसीआई ने अभी नए कप्तान के नाम की पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्मृति मंधाना का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।

मंधाना लंबे समय से भारतीय महिला टीम का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने टीम की उपकप्तान के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाली है। ऐसे में टीम के नेतृत्व समूह के साथ उनका अनुभव नए कप्तान के रूप में काम आ सकता है।

मंधाना ने पहले भी भारतीय टीम की कप्तानी को लेकर अपनी इच्छा जाहिर की है। उपकप्तान के तौर पर उनका अनुभव भी उन्हें इस भूमिका के प्रमुख दावेदारों में रखता है।

हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि बीसीसीआई टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय तीनों फॉर्मेट के लिए एक ही कप्तान रखेगा या नेतृत्व को अलग-अलग तरीके से तैयार करेगा।

बीसीसीआई की बैठक में क्या हुआ?

हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने की घोषणा से पहले गुवाहाटी में बीसीसीआई की समीक्षा बैठक हुई थी। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी शामिल हुए। इस दौरान टीम के हालिया प्रदर्शन और भविष्य की नेतृत्व व्यवस्था पर चर्चा हुई।

हरमनप्रीत की कप्तानी और अमोल मजूमदार की मुख्य कोच के रूप में भूमिका भी चर्चा के विषयों में शामिल रही। रिपोर्ट्स में हरमनप्रीत के हालिया प्रदर्शन को भी बैठक के व्यापक संदर्भ का हिस्सा बताया गया, लेकिन इसे उनके कप्तानी छोड़ने का एकमात्र कारण नहीं बताया गया है।

हरमनप्रीत का कप्तानी रिकॉर्ड कैसा रहा?

हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट में लंबे समय तक कप्तानी की। उन्होंने तीनों फॉर्मेट में कुल 211 मैचों में भारत का नेतृत्व किया।

फॉर्मेटकप्तान के तौर पर मैच
टेस्ट5
वनडे51
टी20 इंटरनेशनल155
कुल211

उन्होंने पांच टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की, जिसमें टीम को केवल एक मुकाबले में हार मिली। वनडे में उन्होंने 51 मैचों में टीम का नेतृत्व किया, जबकि टी20 इंटरनेशनल में 155 मैचों में कप्तानी की।

हरमनप्रीत ने 2012 से भारतीय टीम की कप्तानी करना शुरू किया था। शुरुआत में उन्हें अलग-अलग मौकों पर कप्तानी की जिम्मेदारी मिली, लेकिन बाद में वह टीम की नियमित कप्तान बनीं।

इसी साल वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली खिलाड़ी भी बनीं। इससे उनके लंबे और सफल अंतरराष्ट्रीय करियर का एक और बड़ा रिकॉर्ड जुड़ गया।

2025 महिला वनडे विश्व कप बना कप्तानी का सबसे बड़ा पड़ाव

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी का सबसे यादगार दौर 2025 महिला वनडे विश्व कप में आया। उन्होंने भारत को घरेलू मैदान पर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जिताया।

भारत इससे पहले दो बार वनडे विश्व कप के फाइनल तक पहुंच चुका था, लेकिन खिताब जीतने में सफल नहीं हुआ था। हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर यह इंतजार खत्म किया और पहली बार 50 ओवर के विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम की।

यह उपलब्धि हरमनप्रीत की कप्तानी की सबसे बड़ी पहचान के तौर पर याद की जाएगी।

एशियन गेम्स में भी भारत को दिलाए दो गोल्ड

हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में दो स्वर्ण पदक जीते।

सितंबर-अक्टूबर 2026 में हुए आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत ने अपने खिताब का बचाव किया। इससे हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट की उपलब्धियों में एक और बड़ी सफलता जुड़ी।

उनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने महिला टी20 एशिया कप में भी दो खिताब जीते। इन उपलब्धियों ने हरमनप्रीत के कप्तानी कार्यकाल को भारतीय महिला क्रिकेट के सफल दौर में शामिल किया।

कप्तानी छोड़ने के बाद क्या करेंगी हरमनप्रीत?

हरमनप्रीत ने साफ किया है कि उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ने का कोई फैसला नहीं है। वह भारतीय टीम के लिए खिलाड़ी के तौर पर खेलती रहेंगी।

उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम को अपनी पूरी क्षमता के साथ नेतृत्व दिया और कप्तानी की जिम्मेदारी को गर्व के साथ निभाया। अब वह एक खिलाड़ी के रूप में मैदान पर अपने खेल पर ध्यान देना चाहती हैं।

उनके फैसले से साफ है कि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई नहीं, बल्कि उनकी भूमिका में बदलाव है। आगे वह टीम में एक अनुभवी वरिष्ठ खिलाड़ी के रूप में योगदान देती रहेंगी।

डायना एडुल्जी ने फैसले का किया स्वागत

भारत की पूर्व कप्तान डायना एडुल्जी ने हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के फैसले का स्वागत किया।

एडुल्जी के मुताबिक, नए कप्तान को आगे की बड़ी प्रतियोगिताओं से पहले टीम तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है। ऐसे में बीसीसीआई के सामने नई नेतृत्व व्यवस्था को जल्द तय करने की जिम्मेदारी होगी।

भारत का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे से

भारतीय महिला टीम का अगला असाइनमेंट जिम्बाब्वे के खिलाफ घरेलू सीरीज है। यह सीरीज 16 अक्टूबर 2026 से शुरू होनी है।

ऐसे में बीसीसीआई के सामने नए कप्तान के नाम को जल्द तय करने का सवाल है। अगर बोर्ड सीरीज की शुरुआत से नई कप्तानी व्यवस्था लागू करना चाहता है, तो उसे जल्द ही आधिकारिक घोषणा करनी होगी।

कब होगा नए कप्तान के नाम का ऐलान?

फिलहाल बीसीसीआई ने हरमनप्रीत कौर के उत्तराधिकारी के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्मृति मंधाना का नाम रिपोर्ट्स में सबसे आगे बताया जा रहा है, लेकिन अंतिम फैसला बीसीसीआई को करना है।

हरमनप्रीत ने कप्तानी से हटकर टीम के लिए एक वरिष्ठ खिलाड़ी के रूप में अपना सफर जारी रखने का फैसला किया है। अब भारतीय महिला क्रिकेट टीम एक नए नेतृत्व की ओर बढ़ रही है और सभी की नजरें बीसीसीआई की आधिकारिक घोषणा पर हैं।

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